08-Feb-2026
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- काले कानून के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान शाजापुर (ईएमएस)। शहर की सड़कों पर सवर्ण समाज के आक्रोश का ज्वालामुखी फूट पड़ा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नई गाइडलाइंस के विरोध में सुलग रही चिंगारी ने अब दावानल का रूप ले लिया है। यही कारण रहा कि सवर्ण एकता मंच के बैनर तले हजारों की संख्या में समाजजनों ने रविवार को ऐतिहासिक शक्ति प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के नए प्रावधानों को सिरे से नकारते हुए इसे काला कानून करार दिया। युवा, बुजुर्ग और प्रबुद्धजन, हर वर्ग के लोग हाथों में तख्तियां थामे अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतर आए। बस स्टैंड से शुरू हुई यह आक्रोश रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। इस दौरान काला कानून वापस लो के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों का जोश बता रहा था कि वे अब पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, प्रशासन को अल्टीमेटम शहर भर में अपनी एकता का परिचय देने के बाद रैली पुनः बस स्टैंड पहुंचकर सभा में परिवर्तित हुई, यहां सवर्ण एकता मंच के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि झूठी शिकायतों पर नकेल कसी जाए। यूजीसी की नई गाइडलाइंस पर तुरंत रोक लगाकर इनका पुनरीक्षण किया जाए, अकादमिक स्वतंत्रता की रक्षा हो और झूठी शिकायतों पर सख्त दंडात्मक प्रावधान लागू हो। मंच ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेताया है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो यह आंदोलन अब रुकेगा नहीं, बल्कि और तेज होगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। ईएमएस / 08 फरवरी 2026.