- फाइनल में रेलवे बिलासपुर को 1-0 से दी शिकस्त गुना (ईएमएस)।शहर के संजय स्टेडियम में पिछले सात दिनों से चल रहे हॉकी के महाकुंभ का रविवार को भव्य समापन हुआ। 38वीं अखिल भारतीय स्व. लाल बहादुर शास्त्री स्मृति स्वर्ण कप हॉकी प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में स्पोर्ट्स हॉस्टल लखनऊ ने रेलवे बिलासपुर को कड़ेे संघर्ष में 1-0 से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया। खिताबी भिड़ंत इतनी रोमांचक थी कि हाफ टाइम और तीसरे क्वार्टर तक दोनों ही टीमें एक-दूसरे के खिलाफ कोई गोल नहीं कर पाईं। मैच के अंतिम क्षणों में लखनऊ के खिलाड़ी ने शानदार फील्ड गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिला दी। प्रतियोगिता के समापन और पुरस्कार वितरण समारोह के अतिथियों के रूप में नपाध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता, कलेक्टर किशोर कन्याल, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिकरवार, पूर्व मंत्री महेन्द्र ङ्क्षसह सिसौदिया, सीएमओ मंजूषा खत्री, वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद गुप्ता, नीरज निगम, सूर्यकांत जगताप, विकास जैन नखराली सहित समस्त पार्षदगण उपस्थित थे। अतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीमों को चमचमाती ट्रॉफी और नकद पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान अतिथियों ने कहा कि गुना की धरती पर हॉकी की यह गूंज आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करेगी। मैदान पर खिलाडिय़ों के खेल कौशल ने हजारों दर्शकों का दिल जीत लिया। खेल जगत में स्वर्णिम युग का उदय, सिंधिया का विजन और नपाध्यक्ष की दृढ़ता ने शास्त्री कप को दिलाई नई पहचान उल्लेखनीय है कि इस प्रतियोगिता के सफल आयोजिन के साथ ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के विजन और सतत मार्गदर्शन को धरातल पर उतारते हुए नपाध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता ने गुना के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। सिंधिया की यह दूरगामी सोच थी कि गुना की माटी से उठने वाली खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय मंच और अत्याधुनिक सुविधाएं मिलें। उनके इसी संकल्प का प्रतिफल है कि आज गुना को भव्य एस्ट्रोटर्फ मैदान की सौगात मिली, जिस पर 38वीं अखिल भारतीय स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री स्मृति स्वर्ण कप हॉकी प्रतियोगिता का ऐसा सफल आयोजन हुआ, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे नगरपालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता की वह अडिग कार्यक्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति है, जिसने वर्षों से सुप्त पड़ी इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि इसे एक भव्य और आधुनिक स्वरूप में धरातल पर उतारा। नपाध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता ने इस पूरे आयोजन की सफलता का श्रेय केंद्रीय मंत्री सिंधिया की खेल जगत के प्रति संवेदनशीलता और उनके अटूट मार्गदर्शन को समर्पित किया है। उन्होंने भावुक मन से कहा कि परिषद के गठन के पहले दिन से ही हमारा एकमात्र संकल्प गुना के खोए हुए खेल गौरव को वापस लाना था। आज जब अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ओलंपियन अशोक ध्यानचंद जैसी महान विभूतियां गुना की धरती पर पधारीं और देश के कोने-कोने से आए खिलाडिय़ों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, तो यह सिद्ध हो गया कि सिंधिया जी का खेल विकास का सपना अब एक सशक्त हकीकत बन चुका है। एस्ट्रोटर्फ की नीली चादर पर खिलाडिय़ों की जादुई हॉकी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गुना अब देश के हॉकी मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। यह आयोजन न केवल एक टूर्नामेंट था, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खोलने वाला एक महाकुंभ साबित हुआ है, जो आने वाली पीढिय़ों को राष्ट्रीय गौरव के लिए प्रेरित करता रहेगा। टूर्नामेंट के दौरान ओलंपियन अशोक ध्यानचंद जैसी महान विभूतियों की उपस्थिति और देश भर से आए खिलाडिय़ों ने यह साबित कर दिया कि गुना अब देश के हॉकी मानचित्र पर मजबूती से उभर चुका है। सीताराम नाटानी