अंतर्राष्ट्रीय
08-Feb-2026


इस्लामाबाद,(ईएमएस)। इस्लामाबाद के एक शिया मस्जिद में हुए हालिया बम धमाके को लेकर पाकिस्तान की सेना और उसके नेतृत्व पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि यह हमला किसी बाहरी आतंकी संगठन की साजिश नहीं, बल्कि पाकिस्तान सेना का कथित “फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन” हो सकता है। रिपोर्टों में बताया गया हैं कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने हमले का मास्टरप्लान तैयार किया, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को आतंकवाद से पीड़ित देश के रूप में दिखा सके। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान सेना की रणनीति में बड़ा बदलाव आया है। अब करीब हर आतंकी घटना के बाद पाकिस्तान का सैन्य मीडिया विंग आईएसपीआर सीधे तौर पर भारत और कभी-कभी अफगानिस्तान पर आरोप मढ़ देता है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सहानुभूति हासिल करना और घरेलू स्तर पर जनता का ध्यान आंतरिक असफलताओं से हटाना है। इसी कड़ी में इस्लामाबाद बम धमाके के बाद भी पाकिस्तान सरकार ने तुरंत भारत और अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन स्थिति तब पलट गई जब इस्लामिक स्टेट ने हमले की जिम्मेदारी ले ली। यह वही संगठन है, जिस पर पहले भी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारों पर काम करने के आरोप लगते रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि असीम मुनीर, जो पहले आईएसआई प्रमुख भी रह चुके हैं, अंतरराष्ट्रीय दबाव से बचने और आतंकवाद के मुद्दे पर खुद को पीड़ित दिखाने के लिए ऐसी रणनीतियां अपना रहे हैं। यह भी आशंका है कि इस हमले को आधार बनाकर पाकिस्तान भविष्य में अफगानिस्तान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। साथ ही, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के नाम पर अमेरिका, खासकर डोनाल्ड ट्रंप जैसे नेताओं से अतिरिक्त समर्थन हासिल करने की कोशिश भी की जा सकती है। इसके अलावा, गाजा में पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती को लेकर देश के भीतर असीम मुनीर के खिलाफ विरोध बढ़ रहा है। इसके बाद खुफिया एजेंसियों का मानना है कि वह किसी बाहरी खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाकर आंतरिक असंतोष से ध्यान हटाने की कोशिश कर सकते हैं। आशीष दुबे / 08 फरवरी 2026