* राज्य सरकार के शिक्षा विभाग और यूनिसेफ के समन्वय से ‘कवच केंद्र’ पहल के अंतर्गत साइबर जागरूकता को मिला नया आयाम गांधीनगर (ईएमएस)| राज्य सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा कवच केंद्र पहल के अंतर्गत यूनिसेफ के समन्वय से गुजरात की विभिन्न विश्वविद्यालयों में एक दिवसीय ‘छात्र साइबर सुरक्षा’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्यभर की विश्वविद्यालयों से कुल 780 विद्यार्थियों ने भाग लेकर व्यावहारिक साइबर सुरक्षा ज्ञान, जिम्मेदार डिजिटल हाइजीन तथा उभरते साइबर खतरों से निपटने हेतु संस्थागत तैयारी को सुदृढ़ बनाने की जानकारी प्राप्त की। इस पहल के अंतर्गत राज्य की सरकारी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयों, ग्रांट-इन-एड कॉलेजों, ग्राम विद्यापीठों एवं विश्वविद्यालयों से प्रत्येक संस्था के दो ऐसे विद्यार्थी, जो कवच केंद्र साइबर क्लब वॉलेंटियर के रूप में कार्यरत हैं, उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण सत्र विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में 20 जनवरी से 05 फरवरी 2026 के दौरान अलग-अलग तिथियों पर प्रातः 9:00 बजे से सायं 4:30 बजे तक आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के दौरान साइबर सुरक्षा जागरूकता, साइबर हाइजीन, डिजिटल नैतिकता, साइबर खतरों की पहचान, घटनाओं की रिपोर्टिंग प्रक्रियाएं तथा शैक्षणिक संस्थानों में सशक्त साइबर सुरक्षा संस्कृति विकसित करने में विद्यार्थियों की सक्रिय भूमिका पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टीचर एजुकेशन – गांधीनगर, हेमचंद्राचार्य उत्तर गुजरात विश्वविद्यालय – पाटण, गुजरात विश्वविद्यालय – अहमदाबाद, सरदार पटेल विश्वविद्यालय – आणंद, श्री गोविंद गुरु विश्वविद्यालय – पंचमहल, वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय – सूरत, सौराष्ट्र विश्वविद्यालय – राजकोट, श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय – जूनागढ़ तथा महाराजा कृष्णकुमारसिंहजी भावनगर विश्वविद्यालय – भावनगर सहित राज्य की अग्रणी विश्वविद्यालयों के 780 से अधिक विद्यार्थी वॉलेंटियर के रूप में इस पहल से जुड़े। प्रशिक्षण प्राप्त ये विद्यार्थी अब विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में कैंपस स्तर पर ‘साइबर जागरूकता दूत’ की भूमिका निभाएंगे। इस पहल से युवाओं में साइबर ठगी, फिशिंग, डेटा गोपनीयता और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। शिक्षा विभाग के अनुसार, सायबर सुरक्षा ‘कवच केंद्र’ पहल के माध्यम से साइबर क्लबों की स्थापना को गति मिलेगी, जिससे साइबर जोखिम निवारण, जागरूकता तथा डिजिटल प्रतिरोध क्षमता में संस्थागत तैयारी को और मजबूती प्राप्त होगी। सतीश/09 फरवरी