- कथित आपत्तिजनक नारों के विरोध में एनएच-44 पर दो घंटे तक ठप रहा यातायात, एफआईआर की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी देवरी सागर (ईएमएस)। सागर जिले की देवरी तहसील में एससी-एसटी-ओबीसी संगठनों द्वारा 6 फरवरी को किए गए यूजीसी समर्थन आंदोलन के दौरान लगाए गए कथित आपत्तिजनक नारों को लेकर विवाद गहराता नजर आया। इसी के विरोध में सोमवार दोपहर ब्राह्मण समाज संगठन एवं करणी सेना के कार्यकर्ता देवरी थाना परिसर पहुंचे और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई व एफआईआर दर्ज करने की मांग की।थाना परिसर में एफआईआर दर्ज न होने से असंतुष्ट ब्राह्मण समाज व करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने एनएच-44 फोरलेन पर पहुंचकर करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। चक्काजाम के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई।प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि 6 फरवरी के आंदोलन के दौरान ब्राह्मण समाज के विरुद्ध आपत्तिजनक नारे लगाए गए, जिससे समाज की धार्मिक व सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। ब्राह्मण समाज एवं करणी सेना के पदाधिकारियों ने नारे लगाने वाले कथित लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग दोहराई।सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन तत्काल एफआईआर दर्ज न होने से असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर ही धरना जारी रखा, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने थाना परिसर व एनएच-44 पर हनुमान चालीसा का पाठ किया तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। देवरी एसडीओपी के स्थानांतरण के कारण एसडीओपी रहली मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से संवाद किया। इस दौरान महाराजपुर थाना प्रभारी देवरी थाना पुलिस मौजूद रही।अधिकारियों द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने का आश्वासन दिए जाने के बाद चक्काजाम समाप्त कराया गया, जिसके पश्चात यातायात व्यवस्था पुनः बहाल हो सकी। इस दौरान सर्व स्वर्ण समाज के बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने बताया कि मामले की जांच कर वैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। निखिल सोधिया/ईएमएस/09/02/2026