* उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अत्याधुनिक एटीएस भवन, पुलिस आवास व अन्य परियोजनाओं का वर्चुअल शुभारंभ किया अहमदाबाद (ईएमएस)| गुजरात राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व आधुनिक बनाने के संकल्प के तहत उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के करकमलों से अहमदाबाद में विभिन्न पुलिस प्रकल्पों का ई-शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कुल रु. 202.85 करोड़ की लागत से साकार होने वाले महत्वपूर्ण पुलिस और सुरक्षा प्रकल्पों का वर्चुअल शिलान्यास किया गया। इन प्रकल्पों में छारोड़ी, अहमदाबाद में रु. 47.98 करोड़ की लागत से बनने वाला अत्याधुनिक एटीएस भवन, बोडकदेव में रु. 33.49 करोड़ की लागत से अर्बन पुलिस स्टेशन, अमराईवाड़ी पुलिस लाइन में रु. 74.62 करोड़ की लागत से पुलिस आवास एवं पीएसआई क्वार्टर, कागडापीठ में रु. 39.68 करोड़ की लागत से पुलिस आवास, सैजपुर बोघा में रु. 5.74 करोड़ की लागत से डॉग केनल एवं ट्रेनिंग ऑफिस तथा रु. 1.34 करोड़ की लागत से एसआरपी ग्रुप-2 के बंगले के कार्य शामिल हैं। ये सभी प्रकल्प आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे, जिससे पुलिस परिवारों के जीवन स्तर में सुधार और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि आज का दिन अहमदाबाद पुलिस और एटीएस के लिए स्वर्णिम दिन है, क्योंकि एक ही दिन में रु. 202.85 करोड़ के सुरक्षा और आवासीय प्रकल्पों का शिलान्यास हुआ है। उन्होंने कहा कि गुजरात एटीएस आज साढ़े छह करोड़ गुजरातवासियों के अटूट विश्वास का केंद्र है। एटीएस केवल आतंकी हमलों के समय सक्रिय होने वाली फोर्स नहीं, बल्कि 365 दिन, 24 घंटे राज्य के हर नागरिक की सुरक्षा के लिए काम करने वाली एक ‘साइलेंट फोर्स’ है। उन्होंने एटीएस की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में गुजरात एटीएस ने देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। न केवल गुजरात, बल्कि अन्य राज्यों में हुए हमलों के आरोपियों को पकड़ने में भी एटीएस ने अहम भूमिका निभाई है। ऑनलाइन माध्यमों से युवाओं को कट्टरपंथी बनाने वाले टेरर मॉड्यूल्स का पर्दाफाश करना राज्य के भविष्य को सुरक्षित रखने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। पंजाब की जेल से संचालित नेटवर्क को तोड़ने से लेकर बंगाल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित 14 से अधिक राज्यों में ड्रग्स फैक्ट्रियों पर छापेमारी तक, एटीएस के जवानों ने महीनों तक परिवार से दूर रहकर इन अभियानों को सफल बनाया है। समुद्री सुरक्षा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 1600 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा पर ऊंची लहरों के बीच पाकिस्तानी घुसपैठियों और ड्रग्स माफियाओं पर नजर रखना कोई आसान कार्य नहीं है। एटीएस के जवानों ने 75 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को सीमा पर ही पकड़ने का साहसिक कार्य किया है। राज्य सरकार एटीएस को तकनीकी रूप से ही नहीं, बल्कि बजटीय सहयोग से भी और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नया एटीएस भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित ऐसा केंद्र होगा, जो आने वाले वर्षों तक गुजरात की सुरक्षा को अभेद्य बनाए रखेगा। इस अवसर पर राज्य स्तरीय मंत्री (वित्त, जेल एवं पुलिस हाउसिंग) कमलेश पटेल ने कहा कि मजबूत गुजरात के लिए मजबूत पुलिस और मजबूत एटीएस अनिवार्य है। आज गुजरात में शांति का जो माहौल है और नई पीढ़ी ने ‘कर्फ्यू’ शब्द नहीं सुना है, उसका पूरा श्रेय गुजरात पुलिस और एटीएस की कार्यक्षमता को जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ आगे बढ़ रही है। गुजरात में गुंडागर्दी, आतंकवाद और नशीले पदार्थों के लिए कोई स्थान नहीं है। राज्य पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के.एल.एन. राव ने स्वागत भाषण में कहा कि समाज और नागरिकों की सुरक्षा राज्य पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस वेलफेयर और लोकसेवा को सशक्त बनाने वाले इन प्रकल्पों का शिलान्यास एक ऐतिहासिक क्षण है। एटीएस एक विशेष दस्ता है, जो निरंतर प्रगति कर रहा है। विशेष ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के गठन से इसकी ताकत और बढ़ी है। उपमुख्यमंत्री के हाथों एटीएस के नए अत्याधुनिक भवन का शिलान्यास सुरक्षा क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है। कार्यक्रम के दौरान गुजरात पुलिस के आधुनिक हथियारों और मरीन कमांडो फोर्स के अत्याधुनिक संसाधनों का भव्य प्रदर्शन भी किया गया। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर पुलिस बल की सशक्त तैयारी की सराहना की। साथ ही एटीएस की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। सतीश/09 फरवरी