:: 24 घंटे में तीन खुदकुशी : पुलिस लाइन और पीटीसी परिसर में भी पसरा सन्नाटा; पुलिस खंगाल रही मोबाइल रिकॉर्ड :: इंदौर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में पिछले 24 घंटे मानसिक तनाव और अवसाद की दृष्टि से बेहद भारी रहे। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में एक कॉलेज छात्रा, एक पुलिसकर्मी की पत्नी और एक निजी कंपनी के चालक ने मौत को गले लगा लिया। विडंबना यह है कि इन तीन में से दो घटनाएं सुरक्षित माने जाने वाले पुलिस परिसरों (डीआरपी लाइन और पीटीसी) के भीतर हुईं, जिससे पूरे महकमे में शोक की लहर है। :: पीटीसी परिसर : मासूम के सिर से उठा मां का साया :: सोमवार सुबह आजाद नगर थाना क्षेत्र स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) परिसर में हृदय विदारक घटना हुई। यहां रहने वाले प्रधान आरक्षक शैलेंद्र जादौन की 24 वर्षीय पत्नी स्नेहा जादौन ने फांसी लगा ली। शैलेंद्र जब पत्नी को फंदे पर लटका देख एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। स्नेहा के पिता सेना से सेवानिवृत्त हैं और उनका तीन साल का एक मासूम बच्चा है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। :: डीआरपी लाइन : छात्रा के सपनों का दुखद अंत :: इससे पहले रविवार शाम एमजी रोड थाना क्षेत्र की डीआरपी लाइन में 17 वर्षीय छात्रा दुर्गा कन्नोजे ने सुसाइड कर लिया। मूल रूप से धार की रहने वाली दुर्गा इंदौर में अपने पुलिसकर्मी चाचा के घर रहकर कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी। शनिवार को ही वह गांव से इंदौर लौटी थी। रविवार शाम जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकली, तो चचेरी बहन ने उसे फंदे पर लटका पाया। घटना के बाद से ही परिवार गहरे सदमे में है। :: अभिषेक नगर : घर के बाहर हुई अनबन बनी वजह? तीसरी घटना अभिषेक नगर की है, जहां 30 वर्षीय कपिल सिसौदिया ने फांसी लगाकर जान दे दी। कपिल एक निजी कंपनी में ड्राइवर था। घटना के वक्त उसकी पत्नी रसोई में खाना बना रही थी और बच्चे दादी के साथ खेल रहे थे। पुलिस को अंदेशा है कि घर के बाहर किसी से हुई अनबन के बाद कपिल तनाव में था। पुलिस अब उसके दोस्तों और करीबियों से पूछताछ कर रही है। :: खामोश मौतें : मोबाइल खोलेगा राज :: इन तीनों ही मामलों में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि किसी भी मृतक ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है। पुलिस के लिए इन आत्महत्याओं के पीछे की असली वजह तलाशना अब डिजिटल साक्ष्यों पर निर्भर है। पुलिस ने तीनों मृतकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उनकी कॉल डिटेल व सोशल मीडिया चैट्स खंगाली जा रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रकाश/09 फरवरी 2026