कोरबा (ईएमएस) गौ-वंश के सांस्कृतिक, धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व से विद्यार्थियों को अवगत कराने के लिए कोरबा में द्वितीय चरण की गौ विज्ञान परीक्षा जिला स्तर पर आयोजित हुई। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के चयनित 400 से ज्यादा विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए। सरस्वती हायर सेकेंडरी स्कूल सीएसईबी बुधवारी में आयोजित परीक्षा में 50 ऑब्जर्वर ने अपनी भूमिका निभाई। गौ-संवर्धन समिति और गौ-सेवा गतिविधि की ओर से परीक्षा का आयोजन किया गया। काफी समय से गौ-सेवा के क्षेत्र में ये संगठन काम कर रहे हैं। गाय के महत्व और जन सामान्य को इनसे मिलने वाली सेवा के बारे में व्यापक जागरुकता फैलायी जा रही है। अलग-अलग माध्यम का उपयोग इस काम में किया जा रहा है। संगठनों ने छत्तीसगढ़ स्तर पर ऐसे कार्यों का लोकव्यापीकरण किया है। इसी श्रृंखला में समिति ने 300 विद्यालयो तक अपनी पहुंच बनाई और वहां संबंधित साहित्य के साथ अवधारणा को स्पष्ट किया। पिछले दिनों प्रथम चरण की परीक्षा का आयोजन विद्यालय स्तर पर किया गया। 25, 50 और इससे अधिक प्रतिभागियों की संख्या के आधार पर 1 से 3 विजेताओं को चयनित किया गया। इन्हें जिला स्तरीय परीक्षा में हिस्सा लेने की पात्रता मिली। वैकल्पिक रूप से कुछ मामलों में अभिभावक और शिक्षक भी परीक्षा में शामिल हुए। इन सभी ने गौ विज्ञान को लेकर न केवल अभिरुचि दिखाई बल्कि यह भी प्रदर्शित किया कि उनका जुड़ाव गौ-वंश से जुड़ी जानकारी को लेकर कितना करीब का है। परीक्षार्थियों से द्वितीय चरण की परीक्षा में देश की संस्कृति सहित धार्मिक विधान और वैज्ञानिक महत्व से जुड़े प्रश्न पूछे गए। सभी सहभागियों को गौ-संवर्धन समिति व गौ-सेवा गतिविधि के द्वारा पंचगव्य से तैयार उत्पाद जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय, सामाजिक कार्यकर्ता किशोर बुटोलिया, अशोक तिवारी, जयंत अग्रवाल द्वारा देकर प्रोत्साहित किया गया। समापन पर सभी सहयोगियों को स्मृति चिन्ह दिए गए। 10 फरवरी / मित्तल