राज्य
10-Feb-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। अपराधियों को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस अब गेट एनालिसिस तकनीक का उपयोग कर रही है। इसमें सीसीटीवी फुटेज के जरिए संदिग्ध की चाल, शरीर के झुकाव और कदमों के पैटर्न का वैज्ञानिक मिलान किया जाता है। तिमारपुर हत्याकांड सुलझाने में इस तकनीक की सफलता ने इसे पुलिस का सशक्त आधुनिक हथियार बना दिया है। देश की राजधानी दिल्ली में अपराधियों के लिए अब चेहरा ढंककर या भेष बदलकर पुलिस को चकमा देना मुमकिन नहीं होगा। दिल्ली पुलिस अब बदमाशों की पहचान उनके चेहरे से नहीं, बल्कि उनके चलने के तरीके यानी चाल से करेगी। इस आधुनिक तकनीक का नाम है गेट एनालिसिस ये अब पुलिस जांच में गेम-चेंजर साबित हो रही है। अब तक इस तकनीक का उपयोग मुख्य रूप से चिकित्सा क्षेत्र में किया जाता था। डॉक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट और हड्डी रोग विशेषज्ञ इसका इस्तेमाल एथलीटों की चोट या चलने संबंधी विकारों का पता लगाने के लिए करते थे। वैज्ञानिकों का मानना है कि फिंगरप्रिंट की तरह हर इंसान के चलने का अंदाज भी अनोखा होता है। चलते समय व्यक्ति का शरीर किस ओर झुकता है। चलते वक्त हाथों के हिलने का खास अंदाज। दो कदमों के बीच का फासला और पैरों का कोण। इन सभी बारीकियों का डेटा तैयार कर संदिग्ध की पहचान सुनिश्चित की जाती है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/10/फरवरी/2026