बिलासपुर (ईएमएस)। नियारी सल्फा (सरगांव) ग्राम में शांभवी फाउंडेशन द्वारा संचालित निशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण एवं कपड़ा सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र में प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक धरमलाल कौशिक ने महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ उठाकर महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं। उन्होंने महिला समूहों के गठन और स्वरोजगार से जुडऩे पर विशेष जोर दिया। संस्था की संचालिका शिल्पी केडिया ने बताया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने अमेरिका में कई वर्षों तक विभिन्न पदों पर कार्य किया, परंतु देशप्रेम की भावना से प्रेरित होकर अपने गांव सल्फा लौट आईं। उन्होंने अपनी बेटी शांभवी के नाम पर प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना कर जरूरतमंद महिलाओं को कम्प्यूटर एवं सिलाई प्रशिक्षण देना शुरू किया। अब तक 700 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित कर प्रमाण पत्र प्रदान किए जा चुके हैं, जिनमें से अनेक महिलाओं ने अपना स्वरोजगार प्रारंभ कर आय अर्जित करना शुरू कर दिया है। इस अवसर पर 80 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में जिला भाजपा मंत्री डॉ. देवेन्द्र कौशिक, छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरीश केडिया, सरपंच उषा खुसरो, थोक फल-सब्जी संघ अध्यक्ष अनिल सलूजा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त छात्राओं ने अपने द्वारा सिले गए वस्त्रों की प्रदर्शनी लगाई, वहीं कम्प्यूटर प्रशिक्षणार्थियों ने निबंध प्रतियोगिता में भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ। मनोज राज 10 फरवरी 2026