- 3 हजार से ज्यादा नेताओं को मिलेगी ब्लॉक और ग्राम प्रभारी के तौर पर जिम्मेदारी भोपाल (ईएमएस)। मप्र में कांग्रेस की तीन दिन चली बैठकों के बाद संगठन को लेकर एक नया फॉर्मूला सामने आया है। चुनाव से पहले कांग्रेस ने अब नेताओं के पुनर्वास की तैयारी भी शुरू कर दी है। संगठन को और मजबूत करने के लिए करीब 3000 से अधिक नेताओं के एडजस्टमेंट का प्लान बनाया है। ये नेता अलग-अलग भूमिकाओं में पार्टी के लिए काम करेंगे। मप्र में लगातार तीन दिन तक कांग्रेस की बैठकों का दौर चला। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और संगठन के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन हुआ। इन बैठकों में यह फैसला लिया गया कि संगठन को मजबूत करने के लिए ज्यादा से ज्यादा नेताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। खास तौर पर वे नेता, जिन्हें कार्यकारिणी में जगह नहीं मिल पाने की वजह से पार्टी में हाशिये पर माना जा रहा था, अब उन्हें ब्लॉक, मंडल और सेक्टर प्रभारी बनाया जाएगा। कांग्रेस का मानना है कि इससे संगठन की निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ेगी। नेताओं की नियुक्ति के साथ-साथ जिला कार्यकारिणी को लेकर भी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से दिशा-निर्देश मिले हैं। इसके तहत छोटे जिलों में 31 सदस्यीय और बड़े जिलों में 51 सदस्यीय कार्यकारिणी बनाई जाएगी, यानी अब सीमित और चुनी हुई टीम पर फोकस रहेगा। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस के करीब 3000 नेताओं का एडजस्टमेंट किया जाएगा। इसके लिए क्राइटेरिया भी तय किया गया है। सीनियरिटी, जिला और ग्रामीण क्षेत्र के संतुलन के आधार पर नियुक्तियां होंगी। खास तौर पर वही नेता शामिल किए जाएंगे, जो कार्यकर्ताओं के बीच और संगठन में सक्रिय रहे हैं। बदलाव पर आमने-सामने बीजेपी और कांग्रेस प्रदेश संगठन महामंत्री संजय कामले का कहना है कि चुनाव से पहले कांग्रेस एक बड़ी रणनीति पर काम कर रही है और संगठन स्तर पर जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। वहीं बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस चाहें जितने बदलाव कर ले, कुछ होने वाला नहीं है। बीजेपी का दावा है कि कांग्रेस के भीतर गुटबाजी एक पुरानी बीमारी है और नाराज नेताओं को संभालने के लिए ये कवायद की जा रही है। नेताओं का एडजस्टमेंट कांग्रेस के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। अनुशासनहीनता और गुटबाजी पार्टी की पुरानी समस्या मानी जाती रही है। अब देखना होगा कि संगठन में किया जा रहा ये बदलाव कांग्रेस को कितनी मजबूती देता है। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जिस तरह लगातार मप्र में मेहनत कर रहे हैं, उससे संगठन को लेकर एक नई उम्मीद जरूर जगी है। विनोद / 10 फरवरी 26