राज्य
10-Feb-2026


- 4290 हजार करोड़ की लागत से बन रहा सागर-कानपुर फोरलेन, दो राज्यों की बढ़ेगी कनेक्टिविटी, समय लगेगा बहुत कम भोपाल (ईएमएस)। मप्र में आवागमन को आसान बनाने के लिए केंद्र से लेकर राज्य सरकारें प्रदेश में सडक़ों का जाल बिछा रही हैं। जिससे लोगों का सफर आसान और कम समय में पूरा हो सके। इसी तरह प्रदेश के छतरपुर में विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए सागर-कानपुर फोर लाइन का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस हाइवे से दो राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी। साथ ही 7 घंटे का समय 3 घंटे में पूरा होगा। यह फोरलाइन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा कराया जा रहा है। मप्र के बुंदेलखंड में तेजी से विकास का स्वरूप बदल रहा है। यहां लगातार सडक़ों का जाल बिछाया जा रहा है। भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के भारतमाला प्रोजेक्ट में कानपुर से सागर फोरलेन का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस फोरलेन के बनने से दोनों राज्यों के बीच पर्यटन, निवेश और औद्योगिक विकास बढ़ेगा। इस निर्माण कार्य को 4 चरणों में पूरा किया जाना है। हालांकि पहले की समय सीमा के हिसाब से 2026 तक काम पूरा होना था, लेकिन अब 2028 तक यह परियोजना पूरी होगी। अब 7 नहीं महज 3 घंटे में पहुंचेंगे कानपुर बताया जा रहा है कि सागर से कानपुर तक 223.7 किमी लंबा फोरलेन बन रहा है, उसकी लागत 4290 हजार करोड़ रुपए है। यह फोरलेन सागर से शुरू होकर बंडा, शाहगढ़, बड़ामलहरा, छतरपुर, गढ़ीमलहरा, श्रीनगर और महोबा होते हुए बनाया जा रहा है। इस फोरलेन के बनने से राहगीरों को कम समय लगेगा। अभी तक सागर से कानपुर जाने में 7 घंटे का समय लगता है, लेकिन यह हाइवे बनने के बाद महज 3 घंटे में आप डिस्टिनेशन पर पहुंच जाएंगे। इसके साथ ही यात्रियों की सुरक्षा के लिए फ्लाईओवर, अंडरपास सर्विस रोड और टोल प्लाजा जैसी सुविधाएं भी होगी। कहा तो यह भी जा रहा है कि इस फोरलेन को आने वाले समय में लखनऊ से भी जोडऩे का विचार किया जा सकता है। मीडिया से बात करते हुए प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवेंद्र चापेकर ने इस प्रोजेक्ट को बुंदेलखंड की किस्मत बदलने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह हाइवे सिर्फ सडक़ नहीं है, बल्कि किस्मत बदलने वाला प्रोजेक्ट है। छतरपुर में दो चरणों में हो रहा निर्माण कार्य वहीं छतरपुर में यह परियोजना दो चरणों में चल रही है। जबकि परियोजना का तीसरा फेज साठिया घाटी से चौका गांव तक होगा। 55 किलोमीटर में 1008 करोड़ रुपए की लागत लगेगी। जबकि चौथा फेज चौका गांव से कैमाहा तक 43 किमी होगा। जिसकी कुल लागत 997 करोड़ बताई जा रही है। विनोद / 10 फरवरी 26