राज्य
10-Feb-2026


- आधार-भू-अभिलेख में नाम मिलान अनिवार्य भोपाल (ईएमएस)। मप्र में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को पंजीयन तभी मिलेगा, जब उनके भू-अभिलेख (खाता व खसरा) में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। पंजीयन के दौरान आधार नंबर का वेरीफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। आधार सत्यापन आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही यदि किसी किसान ने पिछले वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक रकबे से गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है या उसके पास पांच एकड़ से अधिक भूमि है, तो सरकार द्वारा उसका अतिरिक्त सत्यापन भी कराया जाएगा। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने किसानों का पंजीयन शुरू कर दिया है। किसानों को लाइन में लगने से राहत देने के लिए इस बार ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। मुफ्त और सशुल्क दोनों विकल्प मुफ्त पंजीयन: ग्राम पंचायत कार्यालय, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालयों के सुविधा केंद्र, सहकारी समितियां एवं सहकारी विपणन संस्थाएं। सशुल्क पंजीयन: एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (ष्टस्ष्ट), लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे। यहां पंजीयन कराने पर किसानों को 50 रुपये चार्ज देना होगा। इन दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य किसानों के पंजीयन के दौरान भूमिधर, सिकमी, बटाईदार, अनुबंध, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसानों के दस्तावेजों के साथ आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर रिकॉर्ड रखा जाएगा। सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संघों के माध्यम से होगा। इन किसानों का 100 प्रतिशत सत्यापन वन विभाग और राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी? पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और ढ्ढस्नस्ष्ट कोड देना अनिवार्य होगा। जनधन, अक्रियाशील, संयुक्त खाते और फिनो, एयरटेल, पेटीएम बैंक के खाते मान्य नहीं होंगे। विनोद / 10 फरवरी 26