राज्य
10-Feb-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली में प्रदूषण कम करने की मुहिम के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को तेजी से अपनाया जा रहा है, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी कमी इस रफ्तार में बाधा बन रही है। दिल्ली सरकार ने कमीशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) को सौंपे गए अपने ताजा स्टेट एक्शन प्लान में स्वीकार किया है कि 2026 के अंत तक चार्जिंग पॉइंट्स की संख्या दोगुनी करने के बावजूद यह वास्तविक मांग के मुकाबले काफी कम रहेंगे। प्लान के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 तक राजधानी में 8,008 चार्जिग पॉइंट उपलब्ध हैं, जबकि शहर की मौजूदा जरूरत 36,177 पॉइंट्स की हैं। इस तरह डिमांड और सप्लाई के बीच 27,373 का एक बड़ा गैप बना हुआ है, जिसे पाटने की चुनौती सरकार के सामने है। प्रशासन का लक्ष्य है कि 31 दिसंबर 2026 तक इन पॉइंट्स की कुल संख्या बढ़ाकर 16,070 कर दी जाए। इस साल लगभग 7,000 नए चार्जिग पॉइंट लगाए जाएंगे, जिसके लिए एक चरणबद्ध योजना तैयार की गई है। ईवी चार्जिग पॉइंट सोसायटियों, मॉल, डीएमआरसी और होटलों की पार्किंग आदि में लगाए जा रहे हैं। कई जगहों पर पार्को के बाहर और फुटपाथ पर भी लगे हैं, लेकिन इनमें से कई बीते कुछ साल में चोरी हो चुके हैं। यही वजह है कि अब सभी एजेंसियां और इन्हें लगाने वाली कंपनियां इन्हें खुले में लगाने से बचती है। इसलिए भी यह लोगों को थोड़ा महंगा लगता है। वही सोसायटी आदि में लगे चार्जिंग पॉइंट का अभी उतना इस्तेमाल नही हो रहा है, जितना होना चाहिए। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/10/फरवरी/2026