उलटफेर करने में सक्षम नई दिल्ली (ईएमएस)। इस बार टी20 विश्वकप में कमजोर मानी जाने वाली एसोसिएट टीमें भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। नेपाल ने जिस प्रकार पहले ही मैच में इंग्लैंड को जोरदार टक्कर दी उससे ये बात साबत होती है। वहीं भारत को अमेरिका और पाकिस्तान को नीदरलैंड से कड़ी टक्कर मिली है। इससे ये साफ हो गया है कि इन टीमों का स्तर भी अब बढ़ता जा रहा है। इससे देखते हुए अब साफ है कि किसी भी टीम को कम नहीं आंका जा सकता है। इसी को देखते हुए नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने भी कहा है कि अब एसोसिएट टीमों पर लगे ठप्पे को हटा दिया जाना चाहिये। एसोसिएट टीमों की मैचों में हार का कारण प्रतिभा की कमी नहीं, बल्कि कुछ अहम मौकों पर छोड़े गए कैच और बड़े खिलाड़ियों के असाधारण प्रदर्शन रहे हैं। वहीं टूर्नामेंट शुरू होने से पहले माना जा रहा था कि ग्रुप स्टेज पर मुकाबले औपचारिक होंगे और बड़े देश आसानी से आगे बढ़ जाएंगे पर एसोसिएट टीमों ने अपने प्रदर्शन से इस सोच को पूरी तरह गलत साबित कर दिया है।नेपाल बनाम इंग्लैंड मुकाबला किसी नॉकआउट मैच से कम नहीं रहा. वहीं अमेरिका ने भारत को जीत के लिए कड़ी मेहनत करने पर मजबूर किया और नीदरलैंड ने पाकिस्तान को लगभग टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। इसका एक कारण टी20 प्रारुप को माना जा रहा है। 20 ओवर के खेल में एक बल्लेबाज़ या एक गेंदबाज़ पूरे मैच का रुख बदल सकता है। फ्रेंचाइज़ी लीग्स का असर भी साफ दिख रहा है. एसोसिएट देशों के खिलाड़ी अब आईपीएल बिग बैश और अन्य लीग्स में नियमित रूप से खेलते हैं, जिससे उन्हें पता चल गया है कि बड़ मंचों पर किसी प्रकार दबाव का सामना कर सकते हैं। इससे साफ है कि अब इस टूर्नामेंट में केवल बड़ी टीमों को ही हावी नहीं माना जा सकता है। नई टीमें भी अब उलटफेर में सक्षम हो गयी हैं। गिरजा/ईएमएस 11 फरवरी 2026