खेल
11-Feb-2026
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सैयद मोदी टूर्नामेंट का दर्जा कम हुआ, दो सुपर 100 टूर्नामेंट हटाये गये कुआलालंपुर (ईएमएस)। विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने भारतीय बैडमिंटन को करार झटका देते हुए सैयद मोदी टूर्नामेंट का दर्जा कम किया गया है हालांकि इंडिया ओपन बैडमिंटन का दर्जा पहले जैसा ही रखा गया है। इसके अलावा भारत में होने वाले आयोजनों की संख्या को चार से कम करते हुए दो कर दिया गया है। इंडिया ओपन का सुपर 750 दर्जा बना रहेगा पर सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय सुपर 300 का दर्जा घटाकर सुपर 100 कर दिया गया है जबकि विश्व टूर कार्यक्रम से गुवाहाटी और ओडिशा में आयोजित सुपर 100 टूर्नामेंट को बाहर कर दिया गया है। इन टूर्नामेंटों को साल 2023 में शुरू किया गया था। सैयद मोदी टूर्नामेंट साल 2018 से ही विश्व टूर सुपर 300 स्तर का टूर्नामेंट रहा है पर अब ये अगले सत्र से आठ सुपर 100 टूर्नामेंटों में से एक होगा। इस टूर्नामेंट के स्तर को कम करने या ओडिशा और गुवाहाटी के टूर्नामेंटों को कैलेंडर से हटाने के पीछे के कारण विश्व संस्था ने नहीं बताये हैं। दिल्ली में आयोजित होने वाले इंडिया ओपन को 2023 में सुपर 750 का दर्जा दिया गया था जो बना रहेगा। वह अपनी ग्रेड दो, लेवल तीन स्थिति बनाए रखेगा और 2027-30 के नए चक्र में भी पांच सुपर 750 टूर्नामेंटों में शामिल रहेगा। अब नए बदलावों के तहत विश्व टूर की छह-स्तरीय संरचना में 36 टूर्नामेंट शामिल रहेंगे। इसमें टूर्नामेंट विश्व टूर फाइनल्स, पांच सुपर 1000 टूर्नामेंट, पांच सुपर 750, नौ सुपर 500, आठ सुपर 300 और आठ सुपर 100 टूर्नामेंट शामिल हैं। सुपर 100 टूर्नामेंट पहली बार मुख्य टूर में शामिल किये गये हैं। सुपर 1000 स्तर के पहले चार टूर्नामेंट होते थे पर अब इस स्तर के पांच टूर्नामेंट एशिया और यूरोप में रखे जाएंगे। इसमें एकल में 48 खिलाड़ी ग्रुप और फिर एलिमिनेशन चरण में प्रतिस्पर्धा करेंगे, जबकि युगल में 32 जोड़ियों का नॉकआउट ड्रॉ रहेगा। हर सुपर 1000 टूर्नामेंट 11 दिन तक दो सप्ताहांत में चलेगा और इसके 1,095 मैच पूरी दुनिया में प्रसारित किए जाएंगे। विश्व टूर में कुल वार्षिक पुरस्कार पूल लगभग 26.9 मिलियन डॉलर होगा। इसमें हर श्रेणी की पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी की गयी है। अब सुपर 1000 टूर्नामेंट के लिए 20 लाख डॉलर, सुपर 750 के लिए 11 लाख , सुपर 500 के लिए 5.60 लाख, सुपर 300 के लिए 2.90 लाख और सुपर 100 के लिए 1.40 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि रखी गयी है। विश्व चैंपियनशिप में 2027 से ग्रुप चरण और फिर नॉकआउट चरण के मुकाबले होंगे। इसमें हर खिलाड़ी को कम से कम दो मैच खेलने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, सुदीरमन कप फाइनल्स और थॉमस एवं उबेर कप फाइनल्स में अधिक टीमों को शामिल किया जाएगा, जिससे वैश्विक प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। गिरजा/ईएमएस 11 फरवरी 2026