गुना (ईएमएस)। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोन तहसील के ग्राम देहरीखुर्द निवासी एक परिवार ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई है कि हल्का पटवारी और भू-माफियाओं ने मिलीभगत कर एक मानसिक विक्षिप्त बुजुर्ग को कागजों में मृत (फौत) घोषित कर दिया और उनकी पुश्तैनी जमीन दूसरे के नाम विक्रय कर दी। पीडि़त भूरा पुत्र केसरी अहिरवार, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं, उन्हें उनके परिजनों ने कलेक्टर के समक्ष पेश किया। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पटवारी ने साजिश के तहत जीवित और विक्षिप्त भूरा को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्शा दिया। इसके बाद आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सर्वे नंबर 293 सहित अन्य कीमती भूमियों को लखन, गजेंद्र और मुकेश रघुवंशी जैसे लोगों के नाम बेच दिया। परिजनों का कहना है कि विक्षिप्त होने के कारण भूरा अपनी रक्षा करने में असमर्थ थे, जिसका फायदा पटवारी और स्थानीय रसूखदारों ने उठाया। जब परिवार को इस बड़ेे भूमि घोटाले का पता चला और वे शिकायत लेकर थाने पहुँचे, तो वहां उनकी बात अनसुनी कर दी गई। हारकर पूरे परिवार को बुजुर्ग के साथ कलेक्ट्रेट की शरण लेनी पड़ी। पीडि़त पक्ष ने भ्रष्ट पटवारी और जमीन खरीदने-बेचने वाले सभी आरोपियों पर धारा 420 के तहत मामला दर्ज करने और जमीन वापस दिलाने की गुहार लगाई है। - सीताराम नाटानी