लंदन (ईएमएस)। सफेद, मजबूत और चमकदार और स्वस्थ दांत हर किसी की चाहत होती है लेकिन दांतों के लिए केवल ब्रश करना ही काफी नहीं, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि ब्रश कब किया जाए। कई लोग सोचते हैं कि खाना खाते ही ब्रश कर लेना अच्छा होता है, जबकि डेंटल एक्सपर्ट्स के अनुसार यह आदत कई बार दांतों को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान पहुंचा सकती है। खाना खाने के बाद दांतों पर प्लाक जमना शुरू हो जाता है, जिसमें मौजूद बैक्टीरिया भोजन में मौजूद शुगर को एसिड में बदल देते हैं। यह एसिड दांतों की बाहरी परत यानी इनेमल को नुकसान पहुंचाता है, जिससे कैविटी, सेंसिटिविटी और मसूड़ों की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। अगर प्लाक को समय पर हटाया न जाए, तो यह कठोर होकर टार्टर में बदल जाता है, जो मसूड़ों में सूजन और खून आने जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि एसिडिक फूड्स जैसे नींबू, संतरा, कोल्ड ड्रिंक, सोडा, फ्रूट जूस या विनेगर खाने के बाद दांतों का इनेमल कुछ देर के लिए नरम हो जाता है। ऐसे में तुरंत ब्रश करने से यह नरम परत तेजी से घिस सकती है, जिससे दांतों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि एसिडिक पेय लेने के 20 मिनट के भीतर ब्रश करने से डेंटिन तक क्षति पहुंच सकती है, जबकि 30 से 60 मिनट का अंतर रखने पर लार एसिड को न्यूट्रल कर देती है और इनेमल फिर से कठोर होने लगता है। डेंटल स्पेशलिस्ट्स के अनुसार, सामान्य भोजन के बाद कम से कम 30 मिनट और एसिडिक भोजन के बाद 30 से 60 मिनट इंतजार करना दांतों के लिए सबसे सुरक्षित है। इस बीच मुंह को सादे पानी से कुल्ला करना या शुगर-फ्री च्युइंग गम चबाना फायदेमंद होता है, क्योंकि इससे लार बढ़ती है और एसिड जल्दी कम हो जाता है। दांतों के लिए सही ब्रशिंग रूटीन में सुबह उठकर ब्रश करना और रात को सोने से पहले ब्रश करना शामिल है। दिन में दो बार ब्रश करना आदर्श माना जाता है। सुदामा/ईएमएस 12 फरवरी 2026