रायगढ़(ईएमएस)। जिले के खरसिया के बानीपाथर स्थित मंगल कार्बन प्लांट में हुए भीषण ब्लास्ट मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। इलाज के दौरान पहले 9 माह की मासूम भूमि खड़िया की मौत हुई थी, वहीं 11 फरवरी को तीन अन्य घायलों ने दम तोड़ दिया। एक ही परिवार के पिता, पुत्र और मासूम बच्ची की मौत से क्षेत्र में गहरा शोक और आक्रोश है। घटना से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने मुआवजा और कार्रवाई की मांग को लेकर नेशनल हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति संभालने का प्रयास किया। परिजनों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा घोषित 12–12 लाख रुपए प्रति मृतक मुआवजा पर्याप्त नहीं है। उनकी मांग है कि कम से कम 50–50 लाख रुपए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी और उचित पुनर्वास पैकेज दिया जाए। परिजनों ने यह आरोप भी लगाया है कि एफआईआर वापस लेने और बयान बदलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। दरअसल, 5 फरवरी को प्लांट में फर्नेस खोलते समय तेज प्रेशर के साथ आग बाहर निकलने से 8 मजदूर झुलस गए थे। आरोप है कि फर्नेस को ठंडा किए बिना खोला गया और मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे यह हादसा हुआ। मृतकों में शिव खड़िया (27 वर्ष), साहेब लाल खड़िया (45 वर्ष), इंदीवर (19 वर्ष) और 9 माह की भूमि खड़िया शामिल हैं। अन्य घायल मजदूरों का इलाज रायपुर के काल्डा बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर में जारी है, जहां उनकी हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)12 फरवरी 2026