धमतरी(ईएमएस)। जिला अस्पताल में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। ICU में भर्ती एक मरीज को उसके परिजन बिना अस्पताल प्रशासन को सूचना दिए घर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान अस्पताल परिसर में ही मरीज की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजन आक्रोशित हो गए, वहीं अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार सरईरुख, मगरलोड निवासी 34 वर्षीय रवि कुमार मंडावी को पेट दर्द, खांसी और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत के बाद 8 फरवरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज को पहले मेल वार्ड में रखा गया और बाद में 10 फरवरी की रात ICU में शिफ्ट किया गया। बताया जा रहा है कि सुबह मरीज की पत्नी शशिकला और जीजा बिच्छु राम बिना अस्पताल स्टाफ को जानकारी दिए मरीज को चुपचाप घर ले जाने लगे। अस्पताल परिसर से बाहर निकलने से पहले ही मरीज की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद जीजा मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी दोपहर करीब 12 बजे तक अस्पताल प्रबंधन को नहीं थी। मीडिया के जरिए सूचना मिलने पर प्रशासन हरकत में आया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ लग गई और कुछ देर हंगामे की स्थिति भी बनी, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति संभाली। मृतक के शव को स्ट्रेचर से वापस अस्पताल लाया गया, लेकिन बिना किसी औपचारिक जांच या पोस्टमॉर्टम के शव परिजनों को सौंप दिए जाने से अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. अरुण टोंडर ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने इसे गंभीर चूक बताते हुए संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी करने की बात कही है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सत्यप्रकाश(ईएमएस)12 फरवरी 2026