कांकेर(ईएमएस)। शहर की आरईएस कॉलोनी में स्थित सरकारी क्वार्टरों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। अस्सी के दशक में बने ये आवास अब जर्जर होकर कंडम की स्थिति में पहुंच चुके हैं। कुल 80 क्वार्टरों में से करीब 35 पूरी तरह अनुपयोगी हो चुके हैं, जबकि शेष मकान भी किसी तरह रहने लायक बचे हैं। बरसात के मौसम में यहां रहने वाले लोगों की परेशानियां और बढ़ जाती हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार वर्षों से क्वार्टरों की मरम्मत नहीं हुई है। कई मकानों की छतों से लगातार पानी टपकता है, दीवारों और छज्जों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं तथा कुछ जगहों पर लोहे की सरिया बाहर निकल आई है, जिससे कभी भी हादसे की आशंका बनी रहती है। दरवाजे जर्जर हो चुके हैं और बाथरूम के हिस्से भी टूट-फूट गए हैं। बारिश के दौरान लोग रिसाव रोकने के लिए पॉलिथीन और तिरपाल का सहारा लेने को मजबूर हैं, वहीं पानी टपकने से घरेलू सामान भी खराब हो रहा है। कॉलोनी की बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हैं। नालियां जाम और क्षतिग्रस्त होने से गंदा पानी जगह-जगह जमा हो रहा है, जो बारिश में घरों तक पहुंच जाता है। इससे मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ रहा है और बीमारियों का खतरा बना हुआ है। कॉलोनी में पानी की टंकी होने के बावजूद नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे रहवासियों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी के निवासी राजूराम बघेल, सरस्वती नेताम, शिवम और गोपाल कुमार सहित अन्य लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उनका कहना है कि खासकर बारिश में स्थिति बेहद खराब हो जाती है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। रहवासियों ने संबंधित विभाग से शीघ्र मरम्मत या नए आवास निर्माण की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ईएमएस(राकेश गुप्ता)12 फरवरी 2026