राजगढ़(ईएमएस) ग्राम मउ में दूषित खान-पान के कारण फैली बीमारी को स्वास्थ्य विभाग और आशा कार्यकर्ता की तत्परता ने महामारी बनने से पहले ही रोक लिया गया। भैंसवा माता मंदिर मेले से लौटकर आए ग्रामीणों में अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। गत दिवस ग्राम मउ में ग्रामीणों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई, गांव की आशा कार्यकर्ता श्रीमती शीला राजपूत ने बिना समय गंवाए सिविल अस्पताल सारंगपुर के सीबीएमओ डॉ. मनीष चौहान को इसकी सूचना दी। डॉ. चौहान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर भेजा और लोगों का उपचार शुरू करा दिया। प्रारंभिक उपचार के बाद, गंभीर रूप से बीमार मरीजों को तुरंत सिविल अस्पताल सारंगपुर और पचोर अस्पताल रेफर किया गया, जिससे समय रहते उनकी स्थिति पर भी काबू पाया जा सका। आशा कार्यकर्ता से मिली जानकारी के अनुसार, बीमार हुए अधिकांश लोग भैंसवा माता मंदिर मेले से लौटे थे, जहां दूषित भोजन या पानी के सेवन से उनकी तबीयत बिगड़ी। इसके बाद बीएमओ डॉ. चौहान के नेतृत्व में आस-पास के गांवों में सघन सर्वे शुरू किया गया। सर्वे के दौरान मग्नियाखेड़ी और कल्याणपुर गांवों में भी इसी तरह के मरीज मिले, जहाँ तुरंत स्वास्थ्य टीमें भेजकर उपचार शुरू किया गया। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा निर्देशित किया गया कि खाद्य विभाग को मेले में बिक रही खाद्य सामग्रियों के सैंपल लेने और शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करें। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीमार मरीजों के स्टूल सैंपल भी लिए गए। साथ ही पीएचई विभाग द्वारा पानी के सैंपल लिए गए हैं ताकि संक्रमण के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। जिला महामारी नियंत्रक अधिकारी डॉ. महेंद्रपाल सिंह ने बताया कि मैदानी कार्यकर्ता गांवों में सतत निगरानी रख रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए सलाह दी है कि मेलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर खुले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। पानी की शुद्धता का आंकलन कर पिएं या शुद्ध पेयजल का ही उपयोग करें। उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करें। -निखिल /राजगढ़/2026