बम धमाके में एक बीएनपी नेता की मौत हो गई, जबकि विभिन्न इलाकों में छिटपुट हिंसा में दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल , वोटों की गिनती शुरू...आज शाम तक परिणाम आने की संभावना बांग्लादेश में किसकी बनेगी सरकार! -पूर्व पीएम शेख हसीना की आवामी लीग पर बैन के बाद मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात के बीच ढाका (ईएमएस) । बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में गुरुवार को पहली बार संसदीय चुनाव हुए। 13वें संरदीय चुनाव और रेफरेंडम 2026 के लिए मतदाताओं ने दो अलग-अलग वोट डाले गये। दो जिलों में बम धमाके समेत कुछ अलग-अलग घटनाओं को छोडक़र, वोटिंग आम तौर पर शांतिपूर्ण रही। धमाके में एक बीएनपी नेता की मौत हो गई, जबकि विभिन्न इलाकों में छिटपुट हिंसा में दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। मतदान के दौरान अलग-अलग जगहों पर चार लोगों की मौत हो गई। बांग्लादेश चुनाव के दौरान अलग-अलग घटनाओं में बीमारी से चार लोगों की मौत होने की खबर है। चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों की तरफ से कुछ शिकायतें मिली हैं। बांग्लादेश जमाए-ए-इस्लामी में मतदान के दौरान धांधली का आरोप लगाया है। गुरुवार को सुबह 7:30 बजे देश के 299 संसदीय इलाकों में एक साथ वोटिंग शुरू हुई। वोटिंग शाम 4:30 बजे तक बिना रुके जारी रही। अब लोग नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना शुरू होगी। रिजल्ट शुक्रवार शाम तक आने के आसार हैं। चुनाव के साथ हुए रेफरेंडम वहीं, वोटर्स ने रेफरेंडम के जरिए संविधान में कई बुनियादी बदलाव लाने के प्रस्ताव पर ‘हां’ या ‘नहीं’ में वोट करके अपनी राय जाहिर की। अगर रेफरेंडम में ‘हां’ जीत जाता है, तो इसका मतलब होगा कि संविधान में बुनियादी सुधार लागू किए जाएंगे। इलेक्शन कमीशन के सीनियर सेक्रेटरी अख्तर अहमद ने कहा कि 36,031 मतदान केंद्र से इक_ा किए गए डेटा के आधार पर 47.91 परसेंट वोटिंग हुई। बीएनपी चेयरमैन तारिक रहमान ने कहा कि अगर चुनाव फ्री, फेयर और बिना किसी विवाद के होते हैं तो उनकी पार्टी चुनाव के नतीजों को मान लेगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि अगर चुनाव फ्री है, अगर यह फेयर है, अगर यह बिना किसी विवाद के है, तो हम इसे क्यों नहीं मानेंगे? बेशक हम इसे मानेंगे। सभी पार्टियां इसे मानेंगी। जमात ने लगाया धांधली का आरोप दूसरी ओर, जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान ने आरोप लगाया है कि संसदीय चुनाव के मतदान दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में फर्जी वोट डालने की कोशिश गई। उन्होंने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में यह आरोप लगाया कि कल से, आपने सभी अफवाहों को हराया है और पोलिंग सेंटर्स पर कब्जा करने की कोशिशों और साजिशों का विरोध किया है। आज सुबह से, आपने न्याय स्थापित करने के सपने से प्रेरित होकर, जश्न के तरीके से अपना वोट डाला है। उन्होंने दावा किया कि हालांकि, हम यह देखकर चिंतित हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों में फर्जी वोट डालने की कोशिश की जा रही है। कई जगहों पर, पोलिंग एजेंटों पर हमला किया जा रहा है और उन्हें घायल किया जा रहा है। महिलाओं को परेशान किया जा रहा है। कई इलाकों में पोलिंग सेंटर्स पर कब्जा करने की कोशिश भी की जा रही है। चुनावी मैदान में 2,028 उम्मीदवार कुल 50 रजिस्टर्ड और मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियां चुनाव लड़ रही हैं। कुल 2,028 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इन सभी उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला शुक्रवार को होगा। यूनुस सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर बैन लगा दिया है। इस वजह से इस चुनाव में आवामी लीग चुनाव नहीं लड़ रही है। यह चुनाव आवामी लीग के बिना ही हो रहा है। चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और बांग्लादेश के विभिन्न इलाकों में सेना के साथ-साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। बीएनपी और जमात में मुकाबला प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा के बाद प्रधानमंत्री के लिए दो उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। एक तारिक रहमान, जो पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और पूर्व सत्ताधारी बीएपी के प्रमुख हैं, दूसरे हैं शफीकुर रहमान, जो कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन जमात-ए-इस्लामी (बांग्लादेश में ‘जमात’ के नाम से जाना जाता है) के अमीर हैं, जिसने आजादी की लड़ाई का विरोध किया था। हालांकि दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति हुसैन मोहम्मद इरशाद की जातीय पार्टी, चार लेफ्टिस्ट पार्टियां, और सैयद मुहम्मद रेजाउल करीम का इस्लामिक मूवमेंट, जिसे ‘चारमोनैर पीर’ के नाम से जाना जाता है, मैदान में हैं, लगभग सभी ओपिनियन पोल करने वालों का अनुमान है कि मुख्य मुकाबला बीएनपी गठबंधन और जमात के नेतृत्व वाले 11-पार्टी गठबंधन (जिसमें नाहिद इस्लाम और जुलाई मूवमेंट के नेताओं के एक हिस्से द्वारा बनाई गई नई नेशनल सिटिजन्स पार्टी शामिल है) तक ही सीमित रहेगा।