(वेलेंटाइन डे -14 फरवरी पर विशेष) मुलाकात तुझसे हुई,है मुझको दिन याद। तेरे मिलने ने किया,मुझे सदा आबाद।। करो इरादा प्रेम का,तो मिलता है मीत। जिससे अधरों पर सजे,खुशहाली का गीत।। वादा करना सोचकर,फिर मत देना तोड़। जिसको अपनाना उसे,देना कभी न छोड़।। करो अगर इकरार तुम,फिर मत कर इनकार। यही प्रेम की चेतना,यही प्रेम-आधार।। सोच-समझ ही दो सदा,दिल का तो प्रस्ताव। बात तभी जब अंत तक,रहे प्रेम का ताव।। बंधन हो मजबूत जब,तभी बढ़ेगी शान। करना नित ही प्रेम का,दिल से सब सम्मान।। आया है देखो शरद,निकट आज मधुमास। हर दिल में तो पर रहा आज प्रखर विश्वास।। अंधकार को मारकर,देता जो उजियार। कहता है सारा जगत,उसको ही तो प्यार।। प्रेम ईश का रूप है,लगता है दिनमान। जो भावों की श्रेष्ठता,शुभ-मंगल का गान।। रखो हृदय को निष्कलुष,करो सदा निर्वाह। तभी प्रेम की चेतना,पाती चोखी राह।। ( शासकीय जगन्नाथ मुन्नालाल चौधरी महिला महाविद्यालय मंडला-मप्र) ईएमएस / 13 फरवरी 26