क्षेत्रीय
13-Feb-2026
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- स्वयं को बना रही है आर्थिक सुदृढ़-कलेक्टर कुणाल दुदावत कोरबा (ईएमएस) कोरबा जिले में भी होली के मद्देनजर कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र में बुका फॉर्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाईजेशन से जुडी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा चुकंदर, पालक, हल्दी जैसे सब्जियों का उपयोग करके हर्बल गुलाल बनाया जा रहा हैं, जो मानव त्वचा खासकर बच्चों के लिए सुरक्षित माना जाता है। इस पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद को महिलाएं अरारोट पाउडर से गुलाल का बेस तैयार कर उसमे पालक, चुकंदर और हल्दी का घोल मिलाकर बनाती है. खास बात यह है की खुशबु के लिए हर्बल ग़ुलाल में केवड़ा, सफ़ेद गुलाब, पाइनएप्पल और स्ट्राबेरी के फ्लैवर मिलाए जा रहे हैं, जो खाद्य पदार्थों में उपयोग किये जाने वाले उत्पाद है। हर्बल ग़ुलाल के निर्माण से होली तो खुशनुमा होंगी ही बाजार में इस हर्बल गुलाब की बिक्री से महिला स्व-सहायता समूह की ये महिलाएं भी आर्थिक रूप से सुदृढ होंगी। रंगों का त्यौहार होली आने वाला हैं। ऐसे में हर कोई रंगों में सराबोर होने के लिए बेताब हैं। ऐसे में रंगों के रासायनिक दुष्प्रभाव से अपनी त्वचा को बचाने की फ़िक्रमंदी भी है। लेकिन कोरबा जिले की पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक की बिहान योजना से जुडी स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा इस समस्या से निजात दिलाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। बिहान योजना के तहत बुका फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन से जुडी 30 महिलाओं द्वारा पालक, चुकंदर और हल्दी से अलग-अलग रंग के प्राकृतिक और हर्बल गुलाल बनाये जा रहे हैं। खुशबू के लिए उम्दा और प्योर ऐसेंस का उपयोग कर उन्हें अलग-अलग फ्लेवर दिया जा रहा है. जिसमें बड़ों के लिए केसर, रोज जैसी खुशबू है तो बच्चों के लिए स्ट्रॉबेरी, पाइनएपल, मैंगो जैसी खुशबू तैयार है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान महिलाओं द्वारा हाइजीन का खास ख्याल रखा जाता है, जिसके लिए महिलाएं हाथ में ग्लव्स और सिर में हेयर नेट (जालीदार टोपी) का इस्तेमाल करती है। बुका फॉर्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाईजेशन की अध्यक्ष पूजा सिंह ने बताया की उन्होंने 20 टन हर्बल ग़ुलाल बनाने का लक्ष्य रखा है, अभी तक उन्हें 6 क्विंटल का आर्डर मिल भी चुका हैं। पूजा सिंह का कहना है कि हर्बल गुलाल के निर्माण से महिलाएं आर्थिक रूप से सुदृढ़ भी होगी, उन्हें आशा है कि महिला समूह को 25 से 30 प्रतिशत तक का लाभ होगा। जय बिहान का नारा बुलंद करने वाली इन संगठित महिला समूहों के कौशल विकास और उसके जरिए उन्हें आर्थिक संपन्नता एवं सामाजिक मजबूती देने का काम राष्ट्रीय आजीविका मिशन द्वारा किया जा रहा है। जिला मिशन प्रबंधक अनुराग जैन का कहना है की पालक, चुकंदर और हल्दी जैसे विशुद्ध खाद्य सामग्रियों से बनाए गए हर्बल गुलाल की बड़ी श्रृंखला में पहली बार बच्चों की पसंद का ध्यान रखा गया है। इस हर्बल गुलाल का दाम भी बाजार में उपलब्ध अन्य ब्रांडों के गुलालों से कम रखा गया है। यही वजह है कि इनके उत्पाद की बाजार में जबरदस्त मांग है। कोरबा जिले की स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा हर्बल ग़ुलाल निर्माण के प्रयास को जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत ने महिला सशक्ति करण की दिशा में एक ठोस कदम बताते हुए जिले वासियों से अपील की है कि आगे आने वाली इन महिलाओं के प्रयासों को सराहें और इको फ्रेंडली रंगों का इस्तेमाल करे। 13 फरवरी / मित्तल