ब्यावरा(ईएमएस) सुठालिया के पास हांसरोद गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं रुद्रयज्ञ के चौथे दिन रात्रि को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। यह आयोजन समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से भोलेनाथ की बल्डी पर हो रहा है। जन्मोत्सव के अवसर पर पूरा पांडाल नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की जैसे भजनों की गूंज से भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को उल्लासपूर्वक मनाते हुए फूलों की वर्षा की। कथा प्रवक्ता पंडित सतीश नागर ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि सच्चे प्रेम और निष्काम भक्ति से ही भगवान की प्राप्ति संभव है। पंडित नागर ने यह भी बताया कि मनुष्य को अपने जीवन में माता-पिता और घर के बड़े-बुजुर्गों का सम्मान और सेवा अवश्य करनी चाहिए। उनके अनुसार, बड़ों के साथ समय बिताने से अनुभव, संस्कार और जीवन की अमूल्य सीख मिलती है, जो व्यक्तित्व को निखारती है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान भक्तों द्वारा की गई फूलों की वर्षा। उन्होंने वर्तमान समय में पारिवारिक मूल्यों को सहेजने की आवश्यकता पर जोर दिया और बताया कि कथा का उद्देश्य समाज में नैतिकता, संस्कार और भक्ति की भावना को जागृत करना है। - महाशिवरात्रि तक किया जाएगा श्रीमद्भागवत कथा का वाचन इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, महिलाएं और युवा श्रद्धापूर्वक उपस्थित होकर धर्म लाभ ले रहे हैं। यह कथा 15 फरवरी, महाशिवरात्रि तक प्रतिदिन रात्रि में आयोजित की जाएगी। कथा के समापन पर पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए ग्रामवासियों ने क्षेत्र के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील की है। -निखिल/ब्यावरा/13/2/2026