- देनदारियों की अदायगी में अनुचित दबाव डालने पर भी रोक होगी नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों और उनके रिकवरी एजेंटों द्वारा उधारकर्ताओं के साथ जबरल या अपमानजनक व्यवहार रोकने के लिए नए मसौदा दिशानिर्देश पेश किए हैं। ये नियम उधारकर्ताओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करेंगे। प्रस्तावित नियम 1 जुलाई, 2026 से लागू होंगे और इस पर फीडबैक 4 मार्च, 2026 तक दिया जा सकता है। मसौदा दिशानिर्देश में स्पष्ट किया गया है कि उधारकर्ताओं के साथ धमकी, अपमान, बार-बार या गुमनाम कॉल, अनुचित संदेश या सार्वजनिक अपमान करना निषिद्ध होगा। इसके अलावा उधारकर्ता की देनदारियों की अदायगी में अनुचित दबाव डालना भी रोक होगा। बैंकों को वसूली से संबंधित शिकायतों के निपटान के लिए समर्पित तंत्र बनाना होगा। सभी कॉल की **संख्या, समय और रिकॉर्डिंग का हिसाब रखा जाएगा। कॉल और दौरे केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच किए जा सकते हैं। उधारकर्ता किसी विशेष समय पर संपर्क न करने का अनुरोध कर सकता है। पारिवारिक आपात स्थिति, विवाह, त्योहार या शोक जैसी परिस्थितियों में वसूली प्रयास नहीं किए जाएंगे। माइक्रोफाइनेंस ऋण के मामले में वसूली केवल सहमति से तय स्थान पर होगी। एजेंट केवल उधारकर्ता या गारंटर से संपर्क करेंगे, और बातचीत में सभ्यता, शालीनता और मर्यादा बनाए रखेंगे। सभी एजेंटों को आईआईबीएफ से प्रमाणित प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। बैंकों को एजेंटों के लिए आचार संहिता बनानी होगी और सभी शाखाओं, कार्यालयों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अद्यतन एजेंट सूची प्रदर्शित करनी होगी। सतीश मोरे/13फरवरी ---