- आरबीआई की प्राथमिकता महंगाई और बाजार में तरलता संभालना होगी नई दिल्ली (ईएमएस)। यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक नए आधार वर्ष 2023-24 के तहत जनवरी 2026 में हेडलाइन सीपीआई 2.75 फीसदी पर रहा, जो अनुमान के मुताबिक है। वहीं कोर महंगाई 3.46 फीसदी पर आ गई, जो पुराने अनुमान से बेहतर स्थिति दर्शाती है। खाद्य महंगाई 2.11 फीसदी पर रही। आंकड़ों के अनुसार नए आधार वर्ष ने डेटा की गणना अधिक सटीक और व्यापक बनाई है। खाने-पीने का वजन लगभग 46 फीसदी से घटकर 40 फीसदी हुआ और बाजारों, शहरों तथा वस्तुओं को ज्यादा शामिल किया गया। कोर सीपीआई में गिरावट मुख्यतः गोल्ड सीपीआई के भार घटने के कारण आई। सोने को छोड़कर कोर महंगाई बढ़कर 2.91 फीसदी हुई, जो अंतर्निहित महंगाई के कमजोर होने का संकेत देती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आधार वर्ष बदलने से आरबीआई की नीतिगत सोच में तुरंत कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। मौद्रिक नीति समिति सिर्फ सालाना आंकड़ों पर नहीं, बल्कि महंगाई की रफ्तार और आगे के ट्रेंड पर ज्यादा ध्यान देगी। आने वाले महीनों में आरबीआई की प्राथमिकता महंगाई और बाजार में तरलता संभालना होगी। इसलिए ब्याज दरों को फिलहाल यथावत रखने की संभावना है। सतीश मोरे/13फरवरी ---