क्षेत्रीय
13-Feb-2026
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- बेटी पर तेजाब उड़ेलकर जलाने का प्रयास लाचार पिता को कोतवाली के भीतर पुलिस के सामने पीटा गुना (ईएमएस)। शहर की पॉश कॉलोनी सोनी कॉलोनी में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ प्रॉपर्टी हड़पने की नीयत से एक रसूखदार गुट ने पैरालिसिस से जूझ रहे एक लाचार पिता और उनकी मासूम बेटी को अपना निशाना बनाया। विवाद इतना वीभत्स रूप ले चुका है कि आरोपियों ने घर में घुसकर 26 वर्षीय युवती पर तेजाब डाल दिया और हद तो तब हो गई जब कोतवाली परिसर के भीतर पुलिस की मौजूदगी में भी पीडि़तों के साथ मारपीट की गई। घर की मर्यादा लांघी, सफाई के तेजाब से युवती पर किया हमला प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनी कॉलोनी स्थित राजीव गांधी पार्क के सामने रहने वाले अरविंद जैन का अपने पूर्व रियल एस्टेट पार्टनर जगदीश राठौर व अन्य के साथ संपत्ति का विवाद चल रहा है। आरोप है कि दोपहर करीब 12 बजे जगदीश राठौर, रुचि जैन, कुसुम और ओमप्रकाश राठौर एक राय होकर अरविंद जैन के घर में अवैध रूप से दाखिल हुए। इन लोगों ने घर के भीतर तांडव मचाते हुए गाली-गलौज की और जब विरोध किया गया, तो घर में साफ-सफाई के लिए रखी तेजाब की बोतल उठाकर अरविंद जैन की 26 वर्षीय बेटी पर उड़ेल दी। अपनी बेटी को जलता देख लाचार लकवाग्रस्त पिता ने उसे बचाने का प्रयास किया, जिससे पिता के हाथ और कपड़े भी झुलस गए। तेजाब के प्रभाव से युवती के कपड़े जल गए और वह बुरी तरह सहम गई। शोर सुनकर जब पड़ोसी एकत्र हुए, तब हमलावर वहां से जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। खाकी का खौफ खत्म, कोतवाली के भीतर हमला इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि जब पुलिस ने पीडि़त परिवार को बयान दर्ज कराने के लिए सिटी कोतवाली बुलाया, तो आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे वहां भी जा धमके। बताया जा रहा है कि शहर कोतवाली के भीतर प्रभारी और पुलिसकर्मियों के सामने ही जगदीश राठौर ने पैरालिसिस के मरीज अरविंद जैन पर हाथ उठाया और मारपीट की। पुलिस के सामने इस तरह की गुंडागर्दी ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ेे कर दिए हैं। प्रताडऩा का लंबा सिलसिला, साजिश के तहत काटी लाइट-पानी पीडि़त अरविंद जैन ने आरोप लगाया कि यह हमला अचानक नहीं था, बल्कि उन्हें घर से बेदखल करने की एक सोची-समझी साजिश है। हमले से एक दिन पहले ही आरोपियों ने उनके घर की बिजली काट दी थी और पानी की लाइन उखाड़ दी थी ताकि परिवार मजबूर होकर वहां से चला जाए। 4 फरवरी को हुए समझौते से मुकरते हुए अब हिस्सेदार उनकी संपत्ति हड़पने पर उतारू हैं। जैन परिवार अब इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहा है। तेजाब हमले जैसे जघन्य कृत्य और पुलिस की नाक के नीचे हुई मारपीट के बाद अब शहर के नागरिकों में भी भारी आक्रोश है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है, लेकिन पीडि़त परिवार की सुरक्षा अब भी दांव पर लगी है। - सीताराम नाटानी