- दोनों टीमों के लिए बनेगा बड़ा फैक्टर कोलंबो (ईएमएस)। टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच प्रेमदासा स्टेडियम में हुए हालिया मुकाबले ने भारत और पाकिस्तान के ‘मिस्ट्री स्पिनरों’ के हौसले बुलंद कर दिए हैं। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने इस मैच में धीमी गेंदों का शानदार इस्तेमाल करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराया। पिच पर गेंद धीमी रहने और बल्लेबाज़ों को परेशान करने वाली उछाल ने रविवार को होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले का रोमांच और बढ़ा दिया है। ऐसे में यह अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं कि भारत के वरुण चक्रवर्ती और पाकिस्तान के अबरार अहमद तथा उसमान तारिक इस पिच पर कितना प्रभाव छोड़ सकते हैं। वरुण चक्रवर्ती की गेंदबाज़ी पिछले साल आईपीएल के दौरान काफी निखरी है। उनकी ‘साइडस्पिन’ से ‘ओवरस्पिन’ में बदलाव और औसतन 95 किमी प्रति घंटे की रफ्तार उन्हें अन्य स्पिनरों से अलग बनाती है। हालांकि प्रेमदासा की यह धीमी पिच उन्हें अपनी गति कम करने के लिए मजबूर कर सकती है। भारत के पूर्व स्पिनर सुनील जोशी का कहना है कि चक्रवर्ती की सबसे बड़ी ताकत उनकी लेंथ है। उनके मुताबिक इस लेंथ के कारण बल्लेबाज़ आसानी से पीछे हटकर बड़े शॉट नहीं खेल सकते, और यही बात उन्हें बाबर आज़म जैसे बल्लेबाज़ों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण बनाती है। बाबर पहले भी उनकी गेंदबाज़ी के खिलाफ संघर्ष करते देखे गए हैं और हाल ही में अमेरिका के खिलाफ उनकी हिचकिचाहट भी साफ़ दिखी थी। पाकिस्तान के पास चक्रवर्ती का जवाब उस्मान तारिक के रूप में हो सकता है। तारिक का ‘पॉज एंड स्लिंग’ एक्शन पहले ही काफी चर्चा बटोर चुका है और कई लोग उनके एक्शन में श्रीलंका के लसिथ मलिंगा की झलक देखते हैं। पाकिस्तान सुपर लीग में उनकी टीम क्वेटा ग्लैडिएटर्स के मैनेजर नबील हाशमी का कहना है कि तारिक का लो-रिलीज़ एक्शन बल्लेबाज़ों के लिए उन्हें हिट करना बेहद कठिन बना देता है। हाशमी के अनुसार तारिक एक मैच्योर खिलाड़ी हैं, जो बल्लेबाज़ों को बारीकी से पढ़ते हैं और मुश्किल परिस्थितियों में भी नियंत्रण बनाए रखते हैं। दूसरी ओर, अबरार अहमद को भले ही कम आंका गया हो, लेकिन यह लेग स्पिनर प्रेमदासा की पिच पर खासा खतरनाक साबित हो सकता है। अपनी गुगली और कैरम बॉल के लिए मशहूर अबरार के 49 टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेटों में से 34 इन्हीं दो गेंदों के कारण आए हैं। भारतीय बल्लेबाज़ उन्हें पहले भी खेल चुके हैं, लेकिन इस तरह की धीमी और टर्न लेने वाली पिच पर उनकी ‘मिस्ट्री’ फिर भारी पड़ सकती है। भारत-पाकिस्तान के इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में तेज़ गेंदबाज़ों से ज्यादा स्पिनरों का असर दिखना तय है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि किस टीम के ‘मिस्ट्री स्पिनर’ बड़े मैच में खेल की दिशा बदलते हैं। डेविड/ईएमएस 14 फरवरी 2026