राज्य
15-Feb-2026


-निवेशकों को आकर्षित करने लीज बढ़ाकर 60 और 90 साल कर दी गई भोपाल,(ईएमएस)। प्रदेश सरकार अगले वित्तीय वर्ष में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की 8 से 10 प्रमुख पर्यटन परिसंपत्तियों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर निजी समूहों को सौंपने की तैयारी में है। इनमें पचमढ़ी गोल्फ कोर्स, राजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर (खजुराहो), उज्जैन के होटल और इंदौर की प्रमुख भूमि शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य पर्यटन अवसंरचना में प्रत्यक्ष निवेश का बोझ घटाकर निजी पूंजी और संचालन दक्षता के जरिए सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में भोपाल स्थित लेक व्यू होटल को निजी समूह को सौंपा गया है। समझौते के तहत पहले वर्ष न्यूनतम 3 करोड़ रुपए और संचालन शुरू होने के तीन साल के भीतर कम से कम 10 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष मिलने का अनुमान है। इसके अलावा भोपाल में हयात, हिल्टन और हॉलिडे इन जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड स्थानीय भागीदारों के साथ नए प्रोजेक्ट विकसित कर रहे हैं। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लीज अवधि 30 साल से बढ़ाकर 60 और 90 साल तक कर दी गई है। विभाग के पास पहले से 8 संपत्तियां निजी लीज पर हैं और अब बड़े निवेश लाने की रणनीति बनाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक खजुराहो में 2019–21 के बीच बने राजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर को पीपीपी मोड पर दिया जाएगा। 1200 सीट क्षमता और 500 वाहनों की पार्किंग सुविधा वाले इस सेंटर के साथ लगी 4–5 एकड़ भूमि पर निवेशक होटल विकसित कर सकेंगे। पचमढ़ी में 1927 में स्थापित 9-होल गोल्फ कोर्स को 18-होल अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा में बदला जाएगा। इससे हाई-एंड और स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना है। वहीं उज्जैन में महाकाल लोक के बाद बढ़े पर्यटन को देखते हुए अवंतिका और ग्रैंड होटल को आधुनिक बड़े होटल में बदला जाएगा। इंदौर में कृषि कॉलेज के पास 5 एकड़ भूमि पर होटल व हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक इलैयाराजा टी के मुताबिक अगले वित्तीय वर्ष में 8 से 10 बड़ी संपत्तियों को पीपीपी मॉडल पर देने की तैयारी है। अतिरिक्त जमीन पर विस्तार से सरकार की आय में वृद्धि होगी। सरकार का मानना है कि यह कदम मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिला सकता है। सिराज/ईएमएस15फरवरी26