- डेढ़ महीने में रहने का आया बस एक दंपत्ति भोपाल (ईएमएस)। बुजुर्गों को सम्मान, सुरक्षा और फाइव स्टार जैसी सुविधाएं देने के उद्देश्य से 24 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया भोपाल का पहला लग्जरी ओल्ड एज होम अब सवालों के घेरे में है। लोकार्पण के डेढ़ महीने बाद भी यहां सिर्फ एक बुजुर्ग दंपत्ति ही रह रहा है, जबकि इस अत्याधुनिक परिसर 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था है। यहां सन्नाटा पसरा है। जानकार इसकी मुख्य वजह महंगा किराया बता रहे हैं, जिसने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को सफेद हाथी बना दिया है। राजधानी भोपाल में पत्रकार कालोनी के पास लिंक रोड नंबर-3 पर बने इस लक्जरी ओल्ड एज होम का लोकार्पण बीते 24 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था। इस अवसर पर उन्होंने कहा था कि बुजुर्ग समाज की धरोहर हैं। उन्हें सम्मान, सुरक्षा और अपनापन देना सरकार की जिम्मेदारी है। यह वृद्धाश्रम उन बुजुर्गों के लिए तैयार किया गया है, जिनके बच्चे नौकरी या व्यवसाय के चलते विदेश या मेट्रो शहरों में रहते हैं। हालांकि इस ओल्ड एज होम की शुरुआत में ही एक बुजुर्ग दंपत्ति ने यहां रहने की सहमति जताई थी, और लाखों में किराया भी चुकाया था। लेकिन अब डेढ़ महीने से अधिक का समय बीतने के बाद भी सामाजिक न्याय विभाग इस लक्जरी ओल्ड एज होम के प्रति बुजुर्गों की रुचि नहीं जगा पा रहा है। 5 एकड़ में फैला 56 बुजुर्गों की क्षमता वाला ओल्ड एज होम बता दें कि सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा निर्मित यह वृद्धाश्रम 5 एकड़ भूमि पर फैला है। यहां 12 सिंगल बेड रूम और 22 डबल बेड रूम बनाए गए हैं। कुल 34 कमरों में 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था है। हर कमरे में बालकनी, अटैच बाथरूम, एयर कंडीशनर, टीवी, फ्रिज, माइक्रोवेव, ड्राई किचन और वार्डरोब जैसी सुविधाएं दी गई हैं। स्वास्थ्य और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हर कमरे में कॉल बेल, इंटरकाम और टेलीफोन लगाए गए हैं। चौबीसों घंटे डाक्टर और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। फिजियोथैरेपी सेंटर, पंचकर्म और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा की भी व्यवस्था की गई है। परिसर में प्रशिक्षित सिक्योरिटी गार्ड तैनात हैं। यहां बुजुर्गों के लिए मनोरंजन कक्ष, लाइब्रेरी, ओपन मेस और विशेष रूप से डिजाइन किया गया डाइनिंग हॉल बनाया गया है। सुरक्षित पाथ-वे और इमरजेंसी बेल की सुविधा हर कमरे और बाथरूम में दी गई है, ताकि बुजुर्गों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। सेवा भारती को सौंपा गया संचालन इस ओल्ड एज होम के संचालन की जिम्मेदारी सेवा भारती को सौंपी गई है। सेवा भारती पहले से प्रदेश में पांच मुफ्त वृद्धाश्रम संचालित कर रही है। यहां से मिलने वाला मासिक किराया सेवा भारती को दिया जाएगा, जबकि सिक्योरिटी डिपॉजिट सरकार के पास रहेगा, जिससे प्रबंधन, सुविधाएं और स्टाफ के वेतन का खर्च किया जाएगा। इस लक्जरी ओल्ड एज होम में कमरे के साइज के अनुसार किराया तय किया गया है। डबल बेड रूम का मासिक किराया 38 हजार 490 रुपए से लेकर 43 हजार 490 रुपए तक है। वहीं सिंगल बेड रूम के लिए 45 हजार 990 रुपए से 49 हजार 990 रुपए प्रतिमाह किराया निर्धारित किया गया है। इतनी अधिक राशि अधिकांश बुजुर्गों की पहुंच से बाहर है। सेवा भारती ने भी माना बुजुर्गों का किराया मंहगा इस मामले में सेवा भारती मध्य भारत प्रांत के कोषाध्यक्ष राज नारायण अग्निहोत्री का कहना है कि सेवा भारती को सरकार ने टेंडर दिया है। हो सकता है महंगे किराए की वजह से लोग यहां रहने नहीं आ रहे हों, लेकिन इसमें सेवा भारती का काम केवल संचालन करना है। अगर रेट अधिक हैं, तो इसमें सरकार को अपने पैसे कम करने चाहिए। इसका व्यवस्थित संचालन सामाजिक न्याय विभाग का भी दायित्व है। हालांकि अग्निहोत्री का कहना है कि अभी 25 से 30 बुजुर्ग संपर्क में हैं। हो सकता है ये 15 फरवरी के बाद हमसे फिर संपर्क करेंगे। मंहगे किराए के बाद, भारी-भरकम खर्च बता दें कि यहां 56 बुजुर्गों के लिए रहने की व्यवस्था है। इनके हिसाब से यहां करीब 46 कर्मचारियों की नियुक्ति की जानी है। अभी वर्तमान में यहां केवल एक दंपत्ति रह रहे हैं। लेकिन इनकी सेवा के लिए भी ओल्ड एज होम के किचन, परिसर व अन्य स्थानों पर करीब 25 से 30 कर्मचारियों को लगाया गया है। प्रबंधन का कहना है कि बुजुर्गों की संख्या बढ़ेगी, तो कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। राज नारायण अग्निहोत्री ने बताया कि अभी तो यहां से खर्च निकालना भी मुश्किल है। सेवा भारती अभी यह काम सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत कर रही है, जिसमें काफी घाटा हो रहा है। विनोद / 15 फरवरी 26