मुंबई (ईएमएस)। हाल के दिनों में बॉलीवुड सिंगर श्रेया घोषाल ने लगातार कई नए गीतों के ज़रिए एक बार फिर अपनी गायकी का जादू बिखेरा है। इनमें इंकलाबी जिद्दी, मातृभूमि, असलू सिनेमा, गाना गुंजूर, ओ माई री और थलोड़ी मरायुवथेविदे नी जैसे गीत शामिल हैं। इन सभी गानों की थीम और भावनाएं एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं कहीं देशभक्ति और क्रांति की ऊर्जा है, कहीं रिश्तों की कोमलता, कहीं लोक संगीत की महक और कहीं आधुनिक संगीत की ताजगी। अपने हालिया संगीत-सफर को लेकर श्रेया घोषाल ने कहा कि इतने विविध और अलग-अलग भावों वाले गीतों को लगातार गाना उनके लिए एक अनोखा और समृद्ध अनुभव रहा है। उनके शब्दों में, भारतीय संगीत की विशालता और बहुआयामिकता का सजीव एहसास इन्हीं गीतों के माध्यम से मिलता है। हर गीत अपनी संस्कृति, अपनी कहानी और अपने विचार से जुड़ा होता है, लेकिन उसकी जड़ वही भावना होती है जो सीधे श्रोता के दिल तक पहुंच जाती है। श्रेया का मानना है कि एक गायक के तौर पर ऐसे विविध अनुभवों को आवाज़ देना बेहद संतोषजनक है। वे खुद को सौभाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें भारतीय संगीत की इस गौरवशाली विरासत का हिस्सा बनने का मौका मिला है। उनके अनुसार, “संगीत न भाषा का मोहताज होता है, न क्षेत्र का। संगीत का मूल तत्व उसकी सच्ची भावना है, जो हर सीमा को पार कर श्रोताओं को जोड़ देती है।” ‘डायनामिक्स की रानी’ के नाम से मशहूर श्रेया घोषाल ने अपने करियर की शुरुआत में ही ‘बैरी पिया’ और ‘डोला रे डोला’ जैसे प्रतिष्ठित गीतों से राष्ट्रीय पहचान हासिल कर ली थी। इसके बाद ‘धीरे जलना’, ‘ये इश्क हाय’, ‘फेरारी मोन’, ‘जीव रंगला’ और ‘मायावा थूयावा’ जैसे अनेक गीतों ने उनकी गायकी को और मजबूती दी। अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर श्रेया अब तक पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों सहित केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और तेलंगाना के राज्य पुरस्कारों के साथ-साथ कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ी जा चुकी हैं। भारतीय संगीत में उनकी भूमिका सिर्फ एक गायिका की नहीं, बल्कि उस सुर-यात्रा की दूत की है, जो विविधता में एकता का अद्भुत संदेश देती है। बता दें कि भारतीय संगीत जगत में श्रेया घोषाल वह नाम है, जिसे पिछले दो दशकों से अपार सम्मान के साथ सुना और सराहा जाता रहा है। अपनी मधुर, बहुरंगी और भावपूर्ण आवाज़ से उन्होंने हिंदी सिनेमा के संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। केवल हिंदी ही नहीं, श्रेया ने कई भारतीय भाषाओं में गाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा को साबित किया है। सुदामा/ईएमएस 16 फरवरी 2026