राज्य
16-Feb-2026


साल 2026-27 के पहले पेपरलेस बजट पर टिकी निगाहें भोपाल (ईएमएस)। आगामी 18 फरवरी को साल 2026-27 का पहला पेपरलेस बजट पेश होगा। राज्य का पहला डिजिटल फॉर्मेट में आने वाले बजट को लेकर प्रदेश के व्यापारी वर्ग का स्पष्ट कहना है कि इस बार सिर्फ घोषणाएं नहीं, ठोस राहत चाहिए। व्यापारी संगठन के रमाकांत तिवारी ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद भी भोपाल में अलग से लगने वाला कमर्शियल टैक्स व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ है। इस टैक्स पर रोक लगनी चाहिए। हम कोर्ट तक गए, लेकिन अब भी राहत नहीं मिली। अगर इसे खत्म किया जाए तो व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने स्टांप ड्यूटी को लेकर भी असमानता का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि इंडस्ट्रियल सेक्टर को करोड़ों के लोन पर बेहद कम स्टांप ड्यूटी देनी पड़ती है, जबकि व्यापारी को लोन लेने से पहले भारी स्टांप ड्यूटी चुकानी पड़ती है। इसे खत्म या कम किया जाए, तभी व्यापार को गति मिलेगी। किराना व्यापारी संगठन के महामंत्री विवेक साहू ने कहा कि बजट में अक्सर महिलाओं पर ज्यादा फोकस रहता है, लेकिन व्यापारियों के लिए ठोस प्रावधान कम होते हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश गेहूं, धनिया, लहसुन और सरसों उत्पादन में अग्रणी है, लेकिन मंडी शुल्क और लाइसेंस प्रक्रिया सबसे महंगी यहीं है। साहू ने ऑनलाइन कारोबार से पारंपरिक व्यापार पर पड़ रहे असर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ऑफलाइन व्यापार 30 प्रतिशत तक सिमट गया है। सरकार हमें व्यवस्थित करने और सुरक्षा देने की योजना बनाए। अनाज होलसेल व्यापारी संघ के अभिषेक साहू ने साफ कहा कि हर साल उम्मीद रहती है, लेकिन राहत नहीं मिलती। उन्होंने मांग की कि मंडी टैक्स पूरी तरह खत्म हो। एक तरफ जीएसटी ले रहे हैं, दूसरी तरफ मंडी टैक्स भी यह दोहरी मार है। उन्होंने पेट्रोल और डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की। साथ ही दालों के आयात पर अधिक एक्सपोर्ट/इंपोर्ट ड्यूटी में कमी और किसानों को सीधी राहत देने की बात कही। करोंध गल्ला मंडी संगठन के सचिव चंद्र प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि सरकार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए बड़ी राहत की उम्मीद कम है, लेकिन नए टैक्स न लगाए जाएं, यही बड़ी राहत होगी। उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। टैक्स पूरा लिया जाता है, लेकिन सफाई, सड़क और पानी की व्यवस्था कमजोर है। सरकार को जल और स्वच्छता पर ज्यादा खर्च करना चाहिए। व्यापारी संगठन के सचिन संतानी ने बजट में स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए विशेष फंड की मांग की। सुदामा नरवरे/16 फरवरी 2026