जयपुर (ईएमएस)। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भरतपुर शहर की बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था और जलभराव की समस्या का मामला प्रमुखता से उठा। पूर्व मंत्री एवं भरतपुर विधायक डॉ. सुभाष गर्ग ने नियम 295 के तहत विशेष उल्लेख के माध्यम से सरकार का ध्यान शहर की विकराल स्थिति की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि व्यवस्थित ड्रेनेज और नालियों का निर्माण न होने के कारण पूरा शहर गंदगी और जलभराव से जूझ रहा है। 300 किमी लंबी नालियों का काम अधूरा डॉ. सुभाष गर्ग ने सदन को अवगत कराया कि पिछली सरकार के समय शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए सी.एफ.सी.डी. परियोजना का क्रियान्वयन किया गया था। इस योजना के तहत न केवल बड़े नालों का निर्माण होना था, बल्कि लगभग 300 किलोमीटर लंबी सहायक नालियों का जाल भी बिछाया जाना था। विधायक ने चिंता जताते हुए कहा कि यह कार्य अभी तक धरातल पर पूर्ण नहीं हो पाया है, जिसके कारण जनता में गहरा असंतोष व्याप्त है। पुष्पवाटिका, न्यू पुष्पवाटिका, बृज नगर, संध्या नगर, दीनदयाल नगर, संजय नगर, विजय नगर, जसवंत नगर और रूद्रनगर। बस्तियां व अन्य क्षेत्र : सेवर, गणेश नगर, राधा नगर, आनंद नगर, सिगलीकर, सिंगीकाड़ा बस्ती, गोकुल बस्ती, तूफानी मोहल्ला, स्टेडियम नगर, गांधी नगर, सैनी मोहल्ला, सूरजपोल और जघीना गेट के आस-पास का क्षेत्र।उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में जलभराव के कारण कीचड़ और दुर्गंध हमेशा बनी रहती है, जिससे आमजन का जीना दुश्वार हो गया है।डॉ. सुभाष गर्ग ने जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार से निम्नलिखित मांगे की हैं। अशोक शर्मा/ 4.30 बजे/ 16 फरवरी 2026