राज्य
16-Feb-2026
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- महाशिवरात्रि पर सर्वेश्वर महादेव के दर्शन, ‘सत्यम शिवम् सुंदरम्’ के संकल्प को बताया परंपरा का प्रतीक वडोदरा (ईएमएस)| महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के वडोदरा में आयोजित पारंपरिक और भव्य ‘शिवजी की सवारी’ कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने सुरसागर के मध्य विराजमान भगवान श्री सर्वेश्वर महादेव के दर्शन कर सुशोभित स्वर्णजड़ित प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाकर समस्त देशवासियों के कल्याण की मंगलकामना की। उन्होंने सभा स्थल से महाआरती उतारी और प्रसाद भी ग्रहण किया। वडोदरा वासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए शाह ने लाखों शिवभक्तों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जब कोई पुण्य आत्मा संकल्प लेती है तो ईश्वर की कृपा से कठिन से कठिन लक्ष्य भी सिद्ध हो जाता है और कालांतर में वह परंपरा बन जाता है। सुरसागर में स्थापित सर्वेश्वर महादेव की विराट प्रतिमा और यह भव्य शिवयात्रा इसका जीवंत उदाहरण है। उन्होंने सावलिवाला स्वामी और पूज्य प्रमुख स्वामी महाराज के आशीर्वाद और संकल्प को स्मरण करते हुए कहा कि वर्ष 1996 में प्रारंभ हुई यह यात्रा आज वटवृक्ष का रूप ले चुकी है। सुरसागर के मध्य शिवजी की प्रतिमा, महाशिवरात्रि पर वडोदरा में निकलने वाली भव्य सवारी और गणेश स्थापना—ये तीनों संकल्प आज इतिहास बन चुके हैं। शाह ने ‘सत्यम शिवम् सुंदरम्’ समिति के योगेश पटेल और उनकी टीम के अथक परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने एकल योद्धा की तरह संघर्ष कर पूरे वडोदरा को इस संकल्प से जोड़ा है। शिव प्रतिमा को स्वर्णजड़ित बनाने के भगीरथ प्रयास के लिए उन्होंने पूरी टीम और शहरवासियों को बधाई दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज जब देशभर में महाशिवरात्रि का उल्लेख होता है तो काशी, कोयंबटूर, रामेश्वरम और सोमनाथ के साथ वडोदरा के सर्वेश्वर महादेव का नाम भी सम्मान से लिया जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए सांस्कृतिक उत्थान का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सনातन परंपरा को सशक्त करने और राष्ट्रीय गौरव को पुनर्स्थापित करने का कार्य तेजी से हुआ है। गुलामी के काल में जिन प्रतीकों को क्षति पहुंची थी, उन्हें पुनः सम्मानजनक स्थान दिलाने का काम किया गया है। उन्होंने अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कोरि़डोर के जीर्णोद्धार और सोमनाथ मंदिर के गौरवगान का विशेष उल्लेख किया। शाह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल, कन्हैयालाल मुंशी और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के संकल्प से सोमनाथ मंदिर आज सनातन के विजय प्रतीक के रूप में अडिग खड़ा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस वर्ष को ‘सोमनाथ स्मरण वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, जो पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उज्जैन में महाकाल लोक सहित विभिन्न तीर्थस्थलों के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने गुलामी के प्रतीकों को हटाकर जनमानस से हीनभावना दूर करने का कार्य किया है। सुरसागर में आयोजित भव्य महाआरती से पूर्व शाह ने ‘शिवजी की सवारी’ पर पुष्पवर्षा कर भावपूर्ण वंदन किया और भक्तों के साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। सतीश/16 फरवरी