-प्रकरण को अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने के निर्देश जोधपुर,(ईएमएस)। राजस्थान के जोधपुर में बहुचर्चित कांकाणी काला हिरण शिकार मामले में सोमवार को राजस्थान हाई कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू ने मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर प्रकरण को अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए। अदालत के इस निर्णय के बाद अब मामले की सुनवाई किसी दूसरी बेंच में होगी। इस फैसले के बाद अभिनेता सलमान खान सहित अन्य संबंधित पक्षों को फिलहाल राहत मिली है। गौरतलब है कि 5 अप्रैल 2018 को जोधपुर की ट्रायल कोर्ट ने 1998 के कांकाणी शिकार प्रकरण में सलमान को दोषी मनाकर पांच वर्ष की सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देकर उन्होंने हाईकोर्ट में अपील दायर कर रखी है, जिस पर सुनवाई लंबित है। उनके अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने अदालत से सभी संबंधित अपीलों पर एक साथ सुनवाई करने का आग्रह किया था, इस पूर्व में स्वीकार कर लिया गया था। इस मामले में सह-अभियुक्तों में अभिनेता सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे और स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह को ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में बरी किया था। राज्य सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देकर ‘लीव टू अपील’ याचिका दायर की थी, जिस पर भी सुनवाई प्रस्तावित थी। हालांकि ताजा घटनाक्रम में राज्य की अपील को अस्वीकार कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 15 अक्टूबर 1998 को लूणी थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट से संबंधित अन्य मामले की अपील 21 मार्च 2022 को हाईकोर्ट में स्थानांतरित की जा चुकी है। यह मामला भी काला हिरण शिकार प्रकरण से जुड़ा हुआ है और उस पर भी सुनवाई होनी शेष है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नई पीठ कब गठित होगी और अपीलों पर सुनवाई की अगली तारीख क्या तय की जाती है। यह मामला लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में है और देशभर में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। क्या है काला हिरण शिकार का पूरा मामला? साल 1998 में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग जोधपुर के आसपास ग्रामीण इलाकों में चल रही थी। इसी दौरान आरोप लगा कि सलमान सहित अन्य कलाकारों ने काले हिरणों का शिकार किया। इस घटना के बाद सलमान के खिलाफ हिरण शिकार के तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए, जबकि एक मामला अवैध हथियार रखने से जुड़ा था। निचली अदालत ने दो मामलों में उन्हें पांच-पांच वर्ष की सजा सुनाई, जबकि एक अन्य मामले में एक वर्ष का कारावास दिया। अब हाईकोर्ट में एक साथ होने वाली सुनवाई से इस लंबे समय से चल रहे मामले में अहम मोड़ आने की उम्मीद की जा रही है। आशीष दुबे / 16 फरवरी 2026