-किसानों, डेटा प्राइवेसी और टैरिफ पर उठाए सवाल नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि इस समझौते में भारतीय किसानों, ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल स्वतंत्रता के हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने केंद्र के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के नारे पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या देश अब ‘अमेरिका निर्भर’ बनता जा रहा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा कि इस ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए अमेरिकी प्रोसेस्ड फलों और अन्य उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोल दिया गया है, जिससे देश के किसानों और कृषि भूमि मालिकों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उनका दावा है कि 334 मिलियन डॉलर के मौजूदा कपास आयात से घरेलू कीमतों में गिरावट आई है, जिससे किसानों की आय प्रभावित हुई है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या दूध, गेहूं और डेयरी उत्पादों को जीरो टैरिफ रियायतों में शामिल किया गया है। कांग्रेस सांसद ने डिजिटल फ्रीडम और डेटा प्राइवेसी को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक मजबूत सरकार को भारतीय हितों की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इस समझौते में देश की आर्थिक स्वतंत्रता और डेटा सुरक्षा से समझौता किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जब विदेश मंत्री से इस डील के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे दूसरे विभाग का मामला बताया। सुरजेवाला ने इसे चिंताजनक बताते हुए कहा कि अगर संबंधित मंत्री को ही समझौते की पूरी जानकारी नहीं है, तो जनता कैसे संतुष्ट हो सकती है। यह बयान भारत और अमेरिका के बीच घोषित अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट के फ्रेमवर्क के संदर्भ में आया है। समझौते के तहत भारत अमेरिकी औद्योगिक सामानों और सूखे मेवों सहित कई उत्पादों पर टैरिफ कम करने या समाप्त करने पर सहमत हुआ है। कांग्रेस ने आशंका जताई है कि इससे घरेलू उद्योग और कृषि क्षेत्र पर दबाव बढ़ सकता है। हिदायत/ईएमएस 16फरवरी26