नई दिल्ली (ईएमएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर अब अपनी ही पार्टी के नेताओं के खिलाफ नाराजगी जता रहे हैं। उन्होंने इस दौरान तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर, वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा और जयराम रमेश का नाम लिया है। इतना ही नहीं उन्होंने दावा कर दिया कि कांग्रेस केरल विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाएगी। खास बात है कि कांग्रेस नेता अय्यर ने हाल ही में कहा था कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन केरल के मुख्यमंत्री बने रहने वाले है। मणिशंकर के बयान से कांग्रेस ने किनारा किया था। एक इंटरव्यू में अय्यर ने पार्टी नेता पवन खेड़ा के बयान पर जमकर नाराजगी जाहिर की। इतना ही नहीं उन्हें कठपुतली करार दिया है। उन्होंने कहा, खेड़ा ने दो साल पहले कह दिया था कि मैं कांग्रेस का किसी भी तरह से प्रतिनिधित्व नहीं करता हूं। तब यह नया नहीं है। वह कांग्रेस की कठपुतली हैं, वह प्रवक्ता नहीं है। वह कुंठित आईएएस अफसर हैं, जो यहां आए हैं और बीते दो साल से मुझे गालियां दे रहे हैं। कांग्रेस की चुनावी तैयारियों को लेकर उन्होंने कहा, मैं चाहता हूं कि कांग्रेस जीते, लेकिन मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस जीतेगी। क्योंकि कांग्रेस नेता आपस में बंटे हुए हैं। वे वामपंथियों से ज्यादा एक दूसरे से नफरत करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अय्यर ने सांसद थरूर को पाकिस्तान विरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि वह (थरूर) अगले विदेश मंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं। उन्होंने कहा कि जयराम रमेश को अपनी नौकरी बचानी है। दरअसल अय्यर ने एक इंटरव्यू में भरोसा जताया कि माकपा नेता पिनराई विजयन केरल के मुख्यमंत्री बने रहने वाले है। उन्होंने भारत को लेकर महात्मा गांधी के नजरिए को याद किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता ने एक इसतरह के देश की कल्पना की थी, जहां सबसे गरीब भी देश के प्रति अपनापन महसूस करें और राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि यह विडंबनापूर्ण लग सकता है कि इस लक्ष्य की दिशा में सबसे सराहनीय प्रगति करने वाला राज्य केरल है, जहां भारत की मार्क्सवादी-लेनिनवादी पार्टी का शासन है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, इसलिए मुख्यमंत्री की उपस्थिति में, जिनके पद पर बने रहने का मुझे पूरा विश्वास है, मैं अपनी अपील दोहराता हूं, केरल को देश का सर्वश्रेष्ठ पंचायती राज वाला राज्य बनाने के लिए, राज्य कानून में व्यावहारिक अनुभव, थॉमस आइजैक की अंतर्दृष्टि, मेरे द्वारा अध्यक्षता की गई पांच खंडों वाली रिपोर्ट और वीके रामचंद्रन द्वारा जिला नियोजन पर योजना आयोग द्वारा प्रसारित नोट के आधार पर संशोधन किया जाना चाहिए। मैं नेहरू और राजीववादी हूं, पर राहुलवादी नहीं कांग्रेस नेता अय्यर अपने विवादित बयानों से सोमवार को फिर पार्टी को असहज कर दिया। उन्होंने राहुल गांधी को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि वे गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी हैं, लेकिन राहुलवादी नहीं हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसा कि वे भूल गए कि अय्यर पार्टी के सदस्य हैं। अय्यर ने डॉ. अंबेडकर की जीवनी का हवाला दिया। आज कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल को इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली हुई है। पवन खेड़ा जैसे आदमी को पार्टी का आधिकारिक प्रवक्ता बना रखा है। आखिर पार्टी इतनी बड़ी मूर्खता कैसे कर सकती है, वे एक कठपुतली हैं। अय्यर ने कहा, क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कांग्रेस की हालत क्या है। वेणुगोपाल जैसे शख्स को वह जिम्मेदारी दी गई है, जो कभी सरदार पटेल के पास थी। कांग्रेस पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि आखिर इसतरह के दल को कौन वोट देना चाहेगा, जिसमें नेता आपस में लड़ रहे हैं। एक-दूसरे के गले काटने को तैयार हैं। क्या ये चीजें जनता को नहीं पता हैं। अय्यर ने कहा कि एक समय पर वह कांग्रेस भी थी, जब किसी फैसले को माना जाता था। नेहरू पीएम बने, तब सभी ने स्वीकार किया। यदि सुभाष चंद्र बोस की विमान हादसे में मौत नहीं होती, तब वे शायद राष्ट्रपति बनते। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के नेता एमके स्टालिन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्टालिन ने सूट-बूट की सरकार या फिर वोट चोर गद्दी छोड़ जैसे नारे नहीं दिए। उन्होंने जरूरी मुद्दे उठाकर सरकार बनाई। यही नहीं अय्यर ने कहा कि इंडिया ब्लॉक का अध्यक्ष यदि किसी नेता को बनना चाहिए, तब वे स्टालिन ही हो सकते हैं। तंज कसते हुए अय्यर ने कहा कि यदि पवन खेड़ा ही मुझे कांग्रेस से बाहर करते हैं, तब मैं खुद ही बाहर निकल जाऊंगा और खेड़ा को पीछे से लात मारूंगा। आशीष दुबे / 16 फरवरी 2026