- 6 साल के बच्चे की मौत के मामले में मानसिक प्रताड़ना का आरोप अंबरनाथ, (ईएमएस)। अंबरनाथ में इलाज के दौरान एक 6 साल के बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद, लड़के का इलाज कर रही महिला डॉक्टर ने कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों से इनकार किया है। जानकारी के अनुसार अंबरनाथ के महालक्ष्मी नगर इलाके में रहने वाले बच्चे विजय विनोद जायसवाल का सर्दी-खांसी के कारण डॉ. स्वप्नाली गायकर से इलाज चल रहा था। इलाज के तीसरे दिन, जब वह सलाइन चढ़ाकर घर गया, तो उसे दिक्कत होने लगी। वहां से, निजी और सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराने के बाद लड़के की मौत हो गई। माता-पिता ने यह मांग की थी कि अगर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉ. स्वप्नाली गायकर की गलती थी तो कार्रवाई की जाए। डॉ.स्वप्नाली गायकर ने आरोप लगाया कि इसके बाद, सामाजिक कार्यकर्त्ता प्रवीण गोसावी, संदीप भरड, वैशाली नलावडे और मिलिंद मगर ने मृतक बच्चे के माता-पिता की शिकायत के बिना हमें परेशान करना शुरू कर दिया। मानसिक परेशानी से तंग आकर डॉ. स्वप्नाली गायकर ने शुक्रवार रात को सुसाइड करने की कोशिश की। जिसके बाद उनके परिवार ने उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उनका इलाज किया और अब डॉ. गायकर की हालत अभी स्थिर है। डॉ. गायकर ने कहा, इन चारों को कानूनी तरीकों से राहत मांगनी चाहिए, सच सामने आ जाएगा, लेकिन उन्हें मुझे बेवजह बदनाम नहीं करना चाहिए। हालांकि, प्रवीण गोसावी, संदीप भरड, वैशाली नलावडे और मिलिंद मगर ने इन आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि यह डॉ. गायकर का ड्रामा करने और सहानुभूति पाने की कोशिश थी। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने साफ कहा, जिस बच्चे की बात हो रही है, उसका इलाज डॉ. स्वप्नाली कर रही थीं। उसके बाद बच्चे की मौत हो गई। हम इस केस को फॉलो अप कर रहे हैं। महिला डॉक्टर ने मामले को दबाने के लिए एक क्लिप वायरल की। लेकिन, हम कानूनी तरीकों से लड़ेंगे और बच्चे को इंसाफ दिलाएंगे। महिला डॉक्टर ने कहा, संदीप भरड और प्रवीण गोसावी मुझे लगातार परेशान कर रहे हैं। वे मेरा क्लिनिक बंद करने की धमकी दे रहे हैं। वे मेरा क्लिनिक बंद करने की खबर दे रहे हैं और यह देखकर मैं हैरान रह गई। वे सरकारी अस्पताल भी गए और मेरे खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उस मामले की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। बच्चे के पिता ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है, तो ये लोग कौन हैं? मृतक बच्चे के माता-पिता मुझे परेशान नहीं कर रहे हैं। मैंने इनके द्वारा दी जा रही मानसिक प्रताड़ना के कारण आत्महत्या करने का फैसला किया। संतोष झा- १६ फरवरी/२०२६/ईएमएस