:: 14 मार्च को वर्ष की पहली नेशनल लोक अदालत; सिविल राशि में भी 30 प्रतिशत तक की विशेष छूट :: इंदौर (ईएमएस)। विद्युत चोरी और अनियमितताओं के पुराने मामलों में फंसे उपभोक्ताओं के लिए राहत की बड़ी खबर है। आगामी 14 मार्च (शनिवार) को आयोजित होने वाली इस कैलेंडर वर्ष की पहली नेशनल लोक अदालत में मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बंपर डिस्काउंट का ऐलान किया है। शासन के निर्णयानुसार, बिजली चोरी के मामलों (धारा 135) में उपभोक्ताओं को न केवल अदालती कार्यवाही से मुक्ति मिलेगी, बल्कि उनके बकाया पर लगने वाले ब्याज को शत-प्रतिशत माफ कर दिया जाएगा। विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह अवसर उन उपभोक्ताओं के लिए है जो कानूनी पेचीदगियों को खत्म कर अपना बकाया चुकाना चाहते हैं। इसके लिए संबंधित बिजली जोन, वितरण केंद्र और विजिलेंस कार्यालयों को समन्वय के निर्देश दिए गए हैं। :: किसे मिलेगा लाभ? यह राहत पैकेज मुख्य रूप से निम्न दाब श्रेणी के छोटे उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है: - घरेलू एवं कृषि : समस्त श्रेणियों के उपभोक्ता। - गैर-घरेलू : 5 किलोवाट तक के कनेक्शन धारक। - औद्योगिक : 10 हॉर्स पावर भार तक के लघु उद्योग। :: छूट का गणित : दो स्तरों पर मिलेगी रियायत :: लोक अदालत में उपभोक्ताओं को उनकी केस की स्थिति के अनुसार दो वर्गों में छूट प्रदान की जाएगी: 1. प्री-लिटिगेशन (अदालत पहुँचने से पूर्व के केस) : ऐसे मामलों में जहाँ अभी अदालती कार्यवाही शुरू नहीं हुई है, वहाँ कंपनी द्वारा आंकलित सिविल राशि पर 30 प्रतिशत की सीधी छूट दी जाएगी। साथ ही, विलंब शुल्क या ब्याज पर 100 प्रतिशत की राहत मिलेगी। 2. लिटिगेशन (कोर्ट में लंबित मामले) : जो मामले वर्तमान में न्यायालयों में विचाराधीन हैं, उनमें सिविल राशि पर 20 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। भुगतान में देरी पर लगने वाले ब्याज को पूरी तरह (100%) माफ कर दिया जाएगा। बिजली कंपनी के अनुसार, यह रियायत केवल उन्हीं प्रकरणों के लिए मान्य होगी जिनमें आंकलित सिविल दायित्व की राशि 10 लाख रुपये तक सीमित है। इससे अधिक राशि वाले गंभीर मामलों में यह छूट देय नहीं होगी। प्रकाश/16 फरवरी 2026