राज्य
16-Feb-2026
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:: तीन दिवसीय समागम में जुटे कई राज्यों के अनुयायी; शाकाहार और सदाचार को बताया सुखी जीवन का आधार :: इंदौर (ईएमएस)। बायपास स्थित जयगुरुदेव आश्रम के तीन दिवसीय स्थापना महोत्सव का सोमवार को भव्य समापन हुआ। इस आध्यात्मिक महाकुंभ के अंतिम दिन वक्ताओं ने सादा जीवन और उच्च विचारों पर बल देते हुए कहा कि भौतिकता की अंधी दौड़ ही आज मनुष्य के दुखों का मूल कारण है। यदि मनुष्य गुरु के बताए मार्ग पर चले, शाकाहार अपनाए और अपने आचरण को श्रेष्ठ बनाए, तो वह सांसारिक कष्टों से स्वतः ही मुक्त हो सकता है। तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में मध्यप्रदेश के 30 से अधिक जिलों सहित उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब और चंडीगढ़ जैसे राज्यों से 20 हजार से अधिक अनुयायियों ने शिरकत की। समापन अवसर पर समाज सेवा में विशिष्ट योगदान के लिए अन्ना महाराज का विशेष सम्मान किया गया। :: मानवता की सेवा और नाम दान :: समापन सत्र को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के समाधान पाटिल, महेंद्र सिंह (हरदोई) और सुशील कुमार लुल्ला ने कहा कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। योगेश बोबडे ने बताया कि मिर्जापुर स्थित आश्रम में समापन के दौरान हजारों अनुयायियों ने न केवल शाकाहार और जीवदया का संकल्प लिया, बल्कि बड़ी संख्या में जिज्ञासुओं ने नाम दान ग्रहण कर गुरु मार्ग पर चलने का प्रण किया। :: विस्तार की योजना :: आश्रम के अध्यक्ष चतर सिंह राजावत, मोहन सलवारिया और छोटेलाल जायसवाल ने बताया कि आश्रम में अनुयायियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आगामी समय में शाखा प्रचार और सेवा गतिविधियों के विस्तार की विशेष रूपरेखा तैयार की गई है। आयोजन के दौरान वालंटियर्स के अनुशासन और सेवा भाव की सभी अतिथियों ने सराहना की। प्रकाश/16 फरवरी 2026