:: 3 वर्षों में 80% बढ़ा जिले में केले का रकबा; 1000 किसान सीखेंगे 14 इंच लंबे जी-9 केले की खेती के गुर :: इंदौर/बड़वानी (ईएमएस)। जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग बड़वानी के तत्वावधान में मंगलवार, 17 फरवरी को कृषि विज्ञान केंद्र, तलून में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला ‘कृषि संवाद’ का आयोजन किया जा रहा है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन और पीएमएफएमई योजना के तहत आयोजित इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य किसानों को केला उत्पादन की आधुनिक तकनीक और वैश्विक निर्यात की बारीकियों से जोड़ना है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एस.के. बुधौलिया ने बताया कि जिले में केले का रकबा वर्ष 2022-23 के 2000 हेक्टेयर से बढ़कर 2025-26 में 3600 हेक्टेयर तक पहुँच गया है। यहाँ की जलवायु जी-9 (टिश्यू कल्चर) किस्म के लिए इतनी अनुकूल है कि सामान्य 7 इंच के मुकाबले यहाँ 14 इंच तक लंबे केले का उत्पादन हो रहा है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है। कार्यशाला में मिर्च, डॉलर चना और अन्य एक्सोटिक फसलों पर भी चर्चा होगी। :: देश-विदेश के विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन :: कार्यशाला में जलगांव के अंतरराष्ट्रीय केला विशेषज्ञ केबी पाटिल, एग्रोनॉमिस्ट अजहर जैदी और डॉ. सुधीर भोंगले टिश्यू कल्चर तकनीक पर व्याख्यान देंगे। वहीं, मुंबई और बुरहानपुर के प्रमुख निर्यातक शाहिद अली, अमोल महाजन और विकास अग्रवाल किसानों को एक्सपोर्ट के मानकों की जानकारी देंगे। कार्यक्रम में बनाना फार्मर ऑफ इंडिया अवार्डी संतोष लछेटा और प्रगतिशील किसान जयदेव पाटीदार व बलराम जाट भी अनुभव साझा करेंगे। :: किसानों को मिलेगी विशेष ‘गाइड बुक’ :: इस आयोजन की विशेषता यह है कि शामिल होने वाले प्रत्येक कृषक को विभाग द्वारा एक विशेष मार्गदर्शिका (बुकलेट) भेंट की जाएगी। इसमें केले के संपूर्ण जीवन चक्र, खेती की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान और अंतरराष्ट्रीय मानकों का विस्तृत संकलन है। लगभग 1000 किसानों के इस महाकुंभ में शामिल होने की संभावना है, जिसका लक्ष्य ‘कृषि कल्याण वर्ष’ के तहत किसानों का मुनाफा बढ़ाना है। प्रकाश/16 फरवरी 2026