राष्ट्रीय
17-Feb-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश की राजधानी स्थित भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाली घटना सामने आई है। जहां एक ओर भारत तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपनी वैश्विक धाक जमने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इसी हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के पहले ही दिन एक स्टार्टअप के स्टॉल से कीमती एआई डिवाइसेज चोरी होने का मामला प्रकाश में आया है। बेंगलुरु स्थित कंपनी नियोसेपियन के सीईओ और सह-संस्थापक धनंजय यादव ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा घेरे के बीच उनके बूथ से पेटेंटेड वियरेबल डिवाइसेज गायब हो गए हैं। धनंजय यादव के अनुसार, यह घटना 16 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम स्थल पर आगमन से ठीक पहले हुई। समिट के पहले दिन सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी थी और प्रधानमंत्री के पहुंचने से पहले दोपहर करीब 12 बजे एक्सपो एरिया को खाली करने का निर्देश दिया गया था। यादव ने बताया कि उस समय वहां केवल सुरक्षाकर्मियों को ही रहने की अनुमति थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम जनता या अन्य प्रतिभागियों का प्रवेश वर्जित था, तो हाई-सिक्योरिटी जोन से उनके उपकरण कैसे गायब हो सकते हैं? यादव की कंपनी ऐसे एआई वियरेबल डिवाइस बनाती है जो बातचीत को ट्रैक करने और भावनाओं का विश्लेषण करने में सक्षम हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना दुख साझा करते हुए लिखा कि वह इस समिट को लेकर बहुत उत्साहित थे और व्यक्तिगत रूप से भारत के इस बढ़ते इकोसिस्टम का समर्थन करना चाहते थे, लेकिन उनके साथ जो हुआ वह चौंकाने वाला है। उनके मुताबिक, सुरक्षा जांच के दौरान जब उन्होंने अपना सामान साथ ले जाने की इच्छा जताई, तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें भरोसा दिया कि अन्य लोग भी अपने लैपटॉप और कीमती सामान छोड़कर जा रहे हैं और सुरक्षाकर्मी उनकी देखरेख करेंगे। छह घंटे तक गेट बंद रहने के बाद जब यादव अपने बूथ पर वापस लौटे, तो उन्हें वहां केवल खाली पैकेट मिले। उन्होंने खाली पैकेटों की तस्वीरें साझा करते हुए अपनी निराशा व्यक्त की और कहा कि उन्होंने इस समिट के लिए फ्लाइट टिकट, ठहरने और बूथ के लिए काफी निवेश किया था, लेकिन बदले में उन्हें केवल यह कड़वा अनुभव मिला। उन्होंने सुरक्षा समन्वय की कमी पर भी निशाना साधा। गौरतलब है कि यह पांच दिवसीय समिट भारत के सबसे बड़े तकनीकी आयोजनों में से एक है, जिसमें गूगल के सीईओ सुंदर पिचई, माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स और ओपन एआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गजों की भागीदारी है। ऐसे प्रतिष्ठित आयोजन में सुरक्षा के दावों के बीच एक नवाचारी उद्यमी के साथ हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है, लेकिन इस घटना ने समिट की चमक को कुछ हद तक फीका जरूर कर दिया है। वीरेंद्र/ईएमएस/17फरवरी2026