-छह नगर निगमों में मेयर और डिप्टी मेयर पद पर भी कांग्रेस उम्मीदवार हैदराबाद,(ईएमएस)। तेलंगाना में हाल ही में संपन्न नगर निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की उसने 105 में से 84 नगरपालिकाओं पर कब्जा किया है। इसके अलावा सात में से छह नगर निगमों में मेयर और डिप्टी मेयर पद पर भी कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत हुई है। 11 फरवरी को 116 नगरपालिकाओं और 7 नगर निगमों के लिए मतदान हुआ था, जबकि 13 फरवरी को नतीजे आए थे। हालांकि, 11 नगरपालिकाओं में नवनिर्वाचित पार्षदों द्वारा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं हो सका था। मुख्य विपक्षी दल बीआरएस ने 17 नगरपालिकाओं में सत्ता हासिल की, जबकि बीजेपी को एक नगरपालिका में जीत मिली। तीन नगरपालिकाओं में निर्दलीय उम्मीदवार अध्यक्ष चुने गए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस को 66 नगरपालिकाओं में स्पष्ट बहुमत मिला, जबकि 18 अन्य नगरपालिकाओं में उसे अन्य दलों और निर्दलियों के समर्थन से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद हासिल हुए। मेडक जिले के नरसापुर नगरपालिका में बीजेपी ने अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस का समर्थन किया, बदले में कांग्रेस ने बीजेपी पार्षद को उपाध्यक्ष चुने जाने में मदद की। इसी तरह का समझौता मेडचल मलकाजगिरी जिले के आलियाबाद में भी हुआ। वहीं रंगारेड्डी जिले के अमंगल में बीआरएस ने बीजेपी के समर्थन से अध्यक्ष पद जीता और उपाध्यक्ष पद के लिए बीजेपी को समर्थन दिया। बता दें महबूबनगर, मंचेरियल, नलगोंडा और रामागुंडम नगर निगमों में कांग्रेस ने मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पदों पर कब्जा किया। कोठागुडेम नगर निगम में कांग्रेस की सहयोगी सीपीआई के मूड गणेश मेयर चुने गए, जबकि कांग्रेस की एस ललिता कुमार डिप्टी मेयर बनीं। यहां 60 सदस्यीय निगम में कांग्रेस और सीपीआई को 22-22 सीटें मिली थीं। निजामाबाद नगर निगम में कांग्रेस की के उमा रानी को एआईएमआईएम के समर्थन से मेयर चुना गया, जबकि एआईएमआईएम की सलमा तहसीन डिप्टी मेयर बनीं। इससे कांग्रेस-बीजेपी को रोकने में सफल रही, जो सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। हालांकि, करीमनगर नगर निगम में कांग्रेस बीजेपी को नहीं रोक सकी। 66 सदस्यीय निगम में 30 सीटें जीतने वाली बीजेपी ने निर्दलियों के समर्थन से मेयर और डिप्टी मेयर पद हासिल किया। आदिलाबाद नगरपालिका में निर्दलीय पार्षद बंदारी अनुशा अध्यक्ष चुनी गईं, जबकि एआईएमआईएम के मोहम्मद रोहित उपाध्यक्ष बने। यहां बीजेपी 21 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि कांग्रेस को 11, बीआरएस और एआईएमआईएम को छह-छह सीटें मिली थीं। पांच निर्दलीय भी चुने गए थे। भैंसा नगरपालिका में भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर निर्दलीयों की जीत हुई है। सिराज/ईएमएस 17फरवरी26