- स्कूलों को बंद करने और स्मार्ट मीटर के विरोध में सडक़ों पर उतरी एसयूसीआई गुना (ईएमएस) केंद्र और राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों, शिक्षा-स्वास्थ्य के निजीकरण और प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में मंगलवार को क्रांतिकारी पार्टी एस.यू.सी.आई. (कम्युनिस्ट) ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। स्थानीय हनुमान चौराहे पर पार्टी के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में किसान, मजदूर, महिलाएं और नौजवान एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चौराहे से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट तक मार्च किया और मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पार्टी के जिला सचिव मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार की हर नीति देशी-विदेशी कंपनियों को फायदा पहुँचाने के मकसद से लाई जा रही है। जनता की कमाई से बने सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण किया जा रहा है, जिससे मेहनतकश वर्ग और बदहाल होगा। वहीं, बिजली उपभोक्ता मंच के सदस्य विकास बंसल ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर को आम जनता की खुली लूट करार देते हुए कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी अभद्रता और झूठे केस की धमकी देकर जबरन मीटर थोप रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद हजारों उपभोक्ता तकनीकी खामियों के कारण डिफाल्टर हो गए हैं और भीषण गर्मी में अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। शिक्षा के मुद्दे पर छात्र संगठन डीएसओ की जिला सचिव प्रीति श्रीवास्तव ने कड़ा विरोध जताते हुए बताया कि गुना जिले के 300 सरकारी स्कूलों सहित प्रदेश के 94 हजार स्कूलों को सांदीपनी योजना के तहत मर्ज कर बंद करने की साजिश रची जा रही है। 15 किलोमीटर के दायरे में स्कूल बंद होने से गरीब छात्राओं को पढ़ाई छोडऩी पड़ेगी। भुल्लनपुरा का मिडिल स्कूल इसका ताजा उदाहरण है। महिलाओं पर बढ़ते अपराधों पर महिला संगठन एआईएमएमएस की जिला सचिव एड. सीमा राय ने कहा कि सरकार एक तरफ स्कूल दूर कर रही है और दूसरी तरफ गली-गली शराब और नशा सुलभ करा रही है, जिससे समाज में अश्लीलता और अपराध बढ़ रहे हैं। पार्टी के जिला कमेटी सदस्य मनोज रजक ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का जिक्र करते हुए इसे सरकारी लापरवाही बताया और कहा कि यह पेयजल के निजीकरण की साजिश है। प्रदर्शन के दौरान ललुआटोरा में प्राथमिक विद्यालय खोलने और सोजना गांव में बिजली-पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शन में ट्रेड यूनियन लीडर नरेंद्र भदौरिया, लोकेश शर्मा ने भी विचार रखे, जबकि संचालन शोभना ने किया। वक्ताओं ने एकजुट होकर इन नीतियों के खिलाफ बड़े जनांदोलन का आह्वान किया। सीताराम नाटानी