:: रसोमा ग्रिड की क्षमता हुई दोगुनी, वितरण क्षमता 1600 एमवीए के पार :: इंदौर (ईएमएस)। प्रदेश की आर्थिक राजधानी में आगामी ग्रीष्मकाल के दौरान विद्युत की बढ़ती मांग और संभावित ओवरलोडिंग की चुनौतियों से निपटने के लिए मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपनी ऊर्जा अधोसंरचना को सशक्त करना शुरू कर दिया है। प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह के विशेष दिशा-निर्देशों के अनुपालन में शहर के प्रमुख वितरण केंद्रों के सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इसी श्रृंखला में बुधवार को उत्तर शहर संभाग के अंतर्गत विजय नगर क्षेत्र स्थित 33/11 केवी रसोमा सब-स्टेशन की क्षमता में रिकॉर्ड 100 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। तकनीकी टीम द्वारा इस ग्रिड की स्थापित क्षमता को 5 एमवीए से बढ़ाकर अब 10 एमवीए कर दिया गया है। :: एक माह में तीन बड़े केंद्रों का कायाकल्प :: शहर अधीक्षण यंत्री डीके गाठे ने इस तकनीकी उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पिछले एक माह के भीतर विभाग ने रणनीतिक रूप से विजय नगर और खजराना जैसे उच्च भार वाले सब-स्टेशनों की क्षमता का भी विस्तार किया है। इन निरंतर तकनीकी उन्नयन के फलस्वरूप इंदौर शहर की कुल विद्युत वहन क्षमता अब 1600 एमवीए के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई है। :: ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज से मिलेगी राहत :: विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह ढांचागत सुधार भीषण गर्मी के दौरान बिजली की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। वर्तमान में शहर की बढ़ती आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों को देखते हुए यह विस्तार भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अपग्रेडेशन के बाद अब ग्रिड पर दबाव कम होगा और तकनीकी खामियों के कारण होने वाली बिजली कटौती की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सकेगा। प्रकाश/18 फरवरी 2026