:: पिडीलाइट कंपनी की शिकायत पर एरोड्रम पुलिस की स्ट्राइक; दिल्ली से जुड़ा है अवैध कारोबार का नेटवर्क :: इंदौर (ईएमएस)। ब्रांडेड उत्पादों के नाम पर शहर के बाजारों में खपाए जा रहे नकली माल के खिलाफ एरोड्रम पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पिडीलाइट कंपनी के लोकप्रिय ब्रांड फेविक्विक के करीब 15 हजार नकली पाउच बरामद कर एक आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जब्त किए गए नकली माल की बाजार मूल्य में अनुमानित कीमत लगभग 75 हजार रुपए आंकी जा रही है। इस कार्रवाई ने बाजार में सक्रिय उन गिरोहों की पोल खोल दी है जो नामी कंपनियों के ट्रेडमार्क का उपयोग कर उपभोक्ताओं की सुरक्षा और भरोसे से खिलवाड़ कर रहे हैं। कार्रवाई की शुरुआत पिडीलाइट कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों द्वारा दी गई एक गोपनीय शिकायत से हुई। कंपनी को जानकारी मिली थी कि इंदौर के स्थानीय बाजारों में उनके उत्पादों की हूबहू नकल कर अवैध बिक्री की जा रही है। एरोड्रम पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी प्रतिनिधियों के साथ मिलकर तत्काल घेराबंदी की और योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। :: सुखदेव विहार में घेराबंदी, एक्टिवा से बरामद हुआ जखीरा :: पुलिस की विशेष टीम ने सूचना के आधार पर सुखदेव विहार मेन रोड पर नाकेबंदी कर एक संदिग्ध एक्टिवा सवार को चेकिंग के लिए रोका। जब वाहन की तलाशी ली गई, तो उसमें रखे बैग्स से बड़ी मात्रा में फेविक्विक के पाउच निकले। सूक्ष्म जांच करने पर पाया गया कि ये पाउच मूल कंपनी के मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे और पूरी तरह नकली थे। पुलिस ने मौके से पियूष पिता संजय मेघानी को हिरासत में लेकर वाहन और माल को जब्त कर लिया है। :: दिल्ली से सप्लाई, इंदौर के रिटेल मार्केट पर थी नजर :: प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी पियूष ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह यह नकली माल दिल्ली के बड़े थोक बाजारों से मंगवाता था। इंदौर में वह स्थानीय दुकानदारों और ऑर्डर देने वालों को इसे सप्लाई करने की फिराक में था। पुलिस को अंदेशा है कि यह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं है, बल्कि इसके पीछे दिल्ली से इंदौर तक फैला एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है, जो कम कीमत पर नकली माल सप्लाई कर कंपनियों को करोड़ों का चूना लगा रहा है। :: उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी : नेटवर्क खंगाल रही पुलिस :: एरोड्रम थाना पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि शहर में मौजूद अन्य रिसीवर्स और सप्लायर्स की जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नकली फेविक्विक न केवल आर्थिक धोखाधड़ी है, बल्कि यह गुणवत्ताहीन होने के कारण उपभोक्ताओं के लिए असुरक्षित भी हो सकता है। फिलहाल पुलिस सप्लाई चेन की कड़ियों को जोड़ रही है और जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रकाश/18 फरवरी 2026