बिना फायर सेफ्टी चल रही फैक्ट्रिया, आधा दर्जन संचालकों को नोटिस, छिंदवाड़ा (ईएमएस)। शहर में निजी अस्पताल संचालक, होटल, रेस्टोरेंट, सहित बड़े बडे मॉल संचालक बिना फायर सेफ्टी ही अपनी दुकान चला रहे है। संचालकों द्वार पैसे कमाने की चाह मे बड़ी-बड़ी बिल्डिंग अवश्य बना ली है। लेकिन इन बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के कोई इंतजाम नहीं किए गए है। इतना ही नहीं संचालकों द्वारा फायर विभाग से सुरक्षा सर्टिफिकेट तक नहीं लिया गया है। हजारों लोगों की जान यह रोजाना खतरे में डाल कर अपने मॉल, होटलों का संचालन कर रहे है। आम लोगों की जान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जबलपुर एक्सप्रेस द्वारा बिना फायर सेफ्टी चले रहे मॉल र्शीषक से खबर का प्रकाशन किया गया था। जिसके बाद नगर निगम ने माममे में गंभीरता दिखाते हुए गुरूवार को एक दर्जन से अधिक मॉल, होटल, रेस्टोरेंट सहित अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। फायर विभाग के अधिकारी अभिषेक दुबे ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर प्रतिष्ठानों में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर अलार्म, फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग आदि की स्थिति का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही सेफ्टी सर्टिफिकेट और फायर ऑडिट से संबंधित दस्तावेजों की भी गहन जांच की गई। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी उपाय निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। ऐसे संस्थानों को नगर निगम की ओर से नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्लान तैयार लेकिन नहीं सुरक्षा सर्टिफिकेट फायर अधिकारी ने बताया है कि विशाला मेगा मार्ट मे निरीक्षण में पाया गया कि संचालक के पास फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं है। हालांकि उन्होंने फायर प्लान बना रखा है। इसी तरह सिटी कार्ट, यूटर्न जैसे मॉलों के पास भी सुरक्षा सर्टिफिकेट नहीं है। अगर आगजनी जैसी घटना होती है तो हालात बिगड् सकते है। श्री दुबे ने बताया है कि नए प्रतिष्ठानों के निर्माण से पूर्व नगर निगम से भवन निर्माण अनुमति लेना अनिवार्य है। भवन अनुमति के समय ही फायर प्लान परमिशन के लिए आवेदन करना आवश्यक होता है। औधोगिक क्षेत्र में नहीं किसी के पास अनुमति अभिषेक दुबे ने बताया है बुधवार को टीम ने निर्मला हॉस्पिटल, पवार हॉस्पिटल, गैलेक्सी होटल, विशाल मेगा मार्ट, वीटू मॉल, सहित इमलीखेड़ा स्थित औधोगिक क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। औधोगिक क्षेत्र में स्थित फैक्ट्री में किसी के पास भी फायर विभाग की कोई एनओसी नहंी है। जिसके चलते आधा दर्जन से अधिक फैक्ट्री संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। इसी तरह अन्य को भी जल्द से जल्द सुरक्षा सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए है। ईएमएस/मोहने/ 18 फरवरी 2026