:: प्रतिबंधित क्षेत्र में पूजा करने पर दर्ज हुआ था केस; पत्नी समेत तीन पर एफआईआर, सुरक्षा एजेंसी पर लगा जुर्माना :: इंदौर (ईएमएस)। शहर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और मर्यादा को चुनौती देने वाला गुंडा सतीश भाऊ बुधवार को आखिरकार खजराना थाने में पेश हो गया। मंदिर के प्रतिबंधित गर्भगृह में अवैध रूप से प्रवेश कर पूजा-अर्चना करने के मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही सतीश फरार चल रहा था, लेकिन कानूनी शिकंजा कसता देख वह अपने वकील के साथ पुलिस के सामने हाजिर हुआ। विदित हो कि शिवाजी जयंती कार्यक्रम का पहला निमंत्रण पत्र भगवान श्री गणेश को अर्पित करने के बहाने सतीश भाऊ अपने साथियों के साथ मंदिर पहुँचा था। इस दौरान उसने न केवल मंदिर के नियमों का उल्लंघन किया, बल्कि गर्भगृह में प्रवेश कर पूजा भी की, जहाँ आम श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है। :: वीवीआईपी स्वागत और सुरक्षा में बड़ी सेंध :: सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने मंदिर प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोल दी है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मंदिर के कुछ पुजारियों ने सतीश भाऊ का स्वागत किसी वीवीआईपी की तरह किया और उसे नियमों को ताक पर रखकर गर्भगृह के भीतर ले जाकर विशेष पूजा करवाई। इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने मंदिर की सुरक्षा एजेंसी पर 21 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है, साथ ही ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है। :: कानूनी शिकंजा : बीएनएस की धारा 223 (ए) के तहत केस :: खजराना पुलिस ने इस मामले में सतीश भाऊ, उसकी पत्नी नीलम पंवार और सहयोगी आकाश रावत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 (ए) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने सतीश की तलाश में कई ठिकानों पर दबिश दी थी, लेकिन वह अपना मोबाइल बंद कर भूमिगत हो गया था। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। :: खौफ का इतिहास : हत्याकांड का आरोपी है सतीश :: सतीश भाऊ का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। वह इंदौर के चर्चित विष्णु उस्ताद हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। इसके अलावा, उस पर हत्या के प्रयास, अवैध वसूली, धमकाने और मारपीट के दर्जनों मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। एक हिस्ट्रीशीटर गुंडे का धार्मिक स्थल पर इस तरह का रसूख दिखाना अब शहर में चर्चा और आक्रोश का विषय बना हुआ है। प्रकाश/18 फरवरी 2026